N Rangasamy Puducherry CM : एन. रंगासामी 5वीं बार बने पुडुचेरी के CM, नितिन नवीन की मौजूदगी में ली शपथ

AINRC प्रमुख एन. रंगासामी ने बुधवार को पुडुचेरी के मुख्यमंत्री के रूप में पांचवीं बार शपथ लेकर इतिहास रच दिया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में हुए इस समारोह के बाद अब सबकी निगाहें केरल पर टिकी हैं, जहाँ कांग्रेस नेतृत्व आज अपने मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगा सकता है।

N Rangasamy Puducherry CM

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 13, 2026

N Rangasamy Puducherry CM : पुडुचेरी की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है जब अनुभवी नेता एन. रंगासामी ने रिकॉर्ड पांचवीं बार केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कमान संभाली है। एक गरिमामय समारोह में, पुडुचेरी के उप-राज्यपाल कैलाश नाथन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह आयोजन ‘लोक भवन’ में संपन्न हुआ, जहाँ कई वरिष्ठ राजनेताओं की गरिमामय उपस्थिति रही। रंगासामी का मुख्यमंत्री बनना इस बात का प्रमाण है कि क्षेत्रीय राजनीति में उनकी पकड़ आज भी बेहद मजबूत है। इस शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जो केंद्र और पुडुचेरी के बीच मजबूत समन्वय का संकेत है।

मंत्रिमंडल का विस्तार: भाजपा और एआईएनआरसी का गठबंधन हुआ मजबूत

मुख्यमंत्री रंगासामी के साथ-साथ उनके कैबिनेट के अन्य प्रमुख सदस्यों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इसमें भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता ए. नमस्सिवायम और एआईएनआरसी (AINRC) के वरिष्ठ नेता मल्लादी कृष्णा राव शामिल हैं। ए. नमस्सिवायम का इस सरकार में शामिल होना राजनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम माना जा रहा है। ज्ञात हो कि वे साल 2021 में कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे और पिछली सरकार में गृह मंत्री जैसा महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो संभाल चुके हैं। उनके अनुभव का लाभ नई एनडीए (NDA) सरकार को मिलने की पूरी उम्मीद है।

चुनावी नतीजों का विश्लेषण: एनडीए गठबंधन को मिला पूर्ण बहुमत

पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित किए गए थे, जिसमें जनता ने स्पष्ट रूप से एन. रंगासामी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन पर भरोसा जताया। पुडुचेरी की कुल 30 विधानसभा सीटों में से गठबंधन ने 16 सीटों पर जीत दर्ज कर जादुई आंकड़े को पार कर लिया। इन नतीजों ने यह साफ कर दिया कि केंद्र शासित प्रदेश की जनता विकास और स्थिरता के पक्ष में है। रंगासामी की लोकप्रियता और भाजपा के संगठनात्मक कौशल ने मिलकर गठबंधन को सत्ता की दहलीज तक पहुँचाया।

पार्टियों का स्ट्राइक रेट: एआईएनआरसी का दबदबा और कांग्रेस की करारी हार

इन चुनावों में सबसे ज्यादा चौंकाने वाले आंकड़े पार्टियों के स्ट्राइक रेट को लेकर रहे। रंगासामी की पार्टी एआईएनआरसी ने महज 16 सीटों पर चुनाव लड़ा और उनमें से 12 पर जीत हासिल की, जो 75% का शानदार स्ट्राइक रेट है। यह दर्शाता है कि जहाँ भी पार्टी ने उम्मीदवार उतारे, वहां जनता ने उन्हें हाथों-हाथ लिया। दूसरी ओर, भाजपा ने 10 सीटों पर किस्मत आजमाई और 4 सीटों पर कब्जा जमाकर 40% के स्ट्राइक रेट के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। इसके विपरीत, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के लिए यह चुनाव किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। कांग्रेस ने 16 सीटों पर चुनाव लड़कर केवल 1 सीट जीती, जिससे उसका स्ट्राइक रेट गिरकर मात्र 6% रह गया।

पुडुचेरी का भविष्य और नई सरकार की चुनौतियां

नई सरकार के सामने अब पुडुचेरी के समग्र विकास की बड़ी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री रंगासामी के सामने पर्यटन को बढ़ावा देने, बुनियादी ढांचे में सुधार करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने जैसी प्रमुख चुनौतियां हैं। भाजपा और एआईएनआरसी के बीच का यह तालमेल केंद्र सरकार से मिलने वाली सहायता को और सुगम बना सकता है। शपथ ग्रहण के बाद रंगासामी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनकी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम करेगी और पुडुचेरी को विकास के नए शिखर पर ले जाएगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्यकाल पुडुचेरी की अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

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