Myanmar Airstrike : रखाइन में हवाई हमले से मचा हड़कंप, बाजार के पास 33 लोगों की मौत

म्यांमार के रखाइन राज्य में बाजार के पास हुए हवाई हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया। शुरुआती रिपोर्ट में 33 लोगों की मौत और 36 के घायल होने की जानकारी सामने आई। हमले के बाद मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है। आखिर क्याउक्ताव में क्या हुआ और किसने हमला किया?

Myanmar Airstrike

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 29, 2026

Myanmar Airstrike : म्यांमार में लंबे समय से जारी गृहयुद्ध के बीच पश्चिमी रखाइन राज्य में सोमवार को एक बड़ा सैन्य हवाई हमला हुआ। स्थानीय अधिकारियों और अराकान आर्मी (AA) के मुताबिक, क्यौक्टॉ टाउनशिप में एक बाजार के पास किए गए इस हमले में कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई, जबकि 36 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बचाव दल ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम शुरू किया।

बाजार के पास गिराए गए दो बम

अराकान आर्मी के अनुसार, दोपहर के समय एक लड़ाकू विमान ने स्थानीय बाजार के नजदीक दो बम गिराए। जिस इलाके में हमला हुआ, वह फिलहाल अराकान आर्मी के नियंत्रण में बताया जाता है। संगठन का दावा है कि बम गिराए जाने के समय बाजार में बड़ी संख्या में दुकानदार, ग्राहक और राहगीर मौजूद थे। अचानक हुए हमले के कारण कई लोग इसकी चपेट में आ गए।

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

अराकान आर्मी ने आशंका जताई है कि हमले में मरने वालों की संख्या आगे बढ़ सकती है। हमले के बाद बाजार क्षेत्र में मलबा फैल गया और कई लोग घायल अवस्था में मिले। राहत एवं बचाव कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में ले जाया गया।

राहत अधिकारी ने 33 मौतों की पुष्टि की

रखाइन के वरिष्ठ राहत अधिकारी वाई हुन आंग ने घटनास्थल पर मौजूद बचावकर्मियों के हवाले से 33 लोगों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर हमला हुआ, वह क्षेत्र का प्रमुख थोक बाजार था। यहां रखाइन राज्य के अलग-अलग हिस्सों से व्यापारी और ग्राहक खरीदारी तथा कारोबार के लिए पहुंचते थे। इसलिए हमले के समय बाजार में काफी भीड़ होने की बात कही जा रही है।

म्यांमार सेना ने नहीं दी प्रतिक्रिया

हमले को लेकर म्यांमार की सेना की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। सेना पहले यह कहती रही है कि उसके हवाई अभियान मुख्य रूप से वैध सैन्य ठिकानों और सशस्त्र विद्रोही समूहों के ठिकानों को निशाना बनाकर किए जाते हैं। हालांकि, इस घटना में बाजार के पास बड़ी संख्या में नागरिकों के हताहत होने की रिपोर्ट सामने आई है।

नवंबर 2023 से रखाइन में तेज संघर्ष

अराकान आर्मी रखाइन के जातीय अल्पसंख्यक समुदाय के लिए अधिक स्वायत्तता की मांग करने वाला एक प्रभावशाली सशस्त्र संगठन है। नवंबर 2023 में संगठन ने म्यांमार की सेना के खिलाफ रखाइन में व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके बाद क्षेत्र में संघर्ष काफी तेज हो गया। अराकान आर्मी ने दावा किया है कि उसने रखाइन की 17 टाउनशिप में से 14 पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

रणनीतिक सैन्य मुख्यालय पर भी कब्जा

अराकान आर्मी ने रखाइन में एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रीय सैन्य मुख्यालय पर कब्जा करने का भी दावा किया है। संगठन और म्यांमार की सेना के बीच जारी संघर्ष के कारण राज्य के कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार सैन्य अभियान, विस्थापन और हिंसा के कारण स्थानीय आबादी के सामने मानवीय संकट भी गहराता जा रहा है।

दिसंबर में अस्पताल पर हुआ था हमला

रखाइन में इससे पहले दिसंबर में भी एक गंभीर हवाई हमले की घटना सामने आई थी। म्रौक-यू टाउनशिप स्थित एक अस्पताल पर सैन्य हवाई हमले में कम से कम 34 लोगों की मौत और लगभग 80 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। अस्पताल जैसी नागरिक सुविधा पर हमले की खबर ने क्षेत्र में जारी संघर्ष के मानवीय प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ाई थी।

2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद संघर्ष

म्यांमार में मौजूदा गृहयुद्ध की जड़ें फरवरी 2021 में हुए सैन्य तख्तापलट से जुड़ी हैं। उस समय सेना ने निर्वाचित सरकार से सत्ता अपने हाथ में ले ली थी। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। सैन्य कार्रवाई के खिलाफ कई लोकतंत्र समर्थक समूहों ने हथियार उठा लिए और धीरे-धीरे संघर्ष देश के बड़े हिस्सों तक फैल गया।

नागरिकों पर बढ़ता संकट

रखाइन में ताजा हवाई हमले ने एक बार फिर वहां जारी संघर्ष के दौरान नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बाजार जैसे सार्वजनिक स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई है। फिलहाल हमले की परिस्थितियों, जिम्मेदारी और नुकसान के अंतिम आंकड़ों को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच राहत और बचाव अभियान भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।

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