Muzaffarpur Hospital Fire: मानकों को ताक पर रखकर चल रहे थे निजी अस्पताल? मुजफ्फरपुर हादसे के बाद मंत्री की चेतावनी

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक निजी अस्पताल के ICU में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। इस हादसे में 3 मरीजों की मौत हो गई, जबकि अन्य को रेस्क्यू कर दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई और जांच के आदेश दिए हैं।

Muzaffarpur Hospital Fire

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 4, 2026

Muzaffarpur Hospital Fire: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक प्रमुख निजी अस्पताल (प्रसाद अस्पताल) में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। हादसे के वक्त अस्पताल के आईसीयू (ICU) में लगभग 13 से 15 मरीज भर्ती थे। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। देखते ही देखते पूरा आईसीयू वार्ड धुएं की चपेट में आ गया, जिससे वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पर निर्भर गंभीर मरीजों की स्थिति और अधिक नाजुक हो गई। दम घुटने और अफरातफरी के माहौल में मरीजों की जान पर बन आई।

दमकल विभाग की मुस्तैदी से बची कई जानें

आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और युद्धस्तर पर बचाव अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन) शुरू किया। फायर ब्रिगेड के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद अस्पताल में फंसे सभी मरीजों को बाहर निकाला। हालांकि, इस दर्दनाक हादसे में तीन मरीजों की मौत हो गई। अन्य भर्ती मरीजों को गंभीर अवस्था में तत्काल प्रभाव से शहर के अन्य अस्पतालों में रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

बिहार सरकार की सख्ती

इस दुखद घटना पर बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने अस्पताल में बरती गई लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने तल्ख लहजे में कहा कि राज्य में ‘कुकुरमुत्ते’ की तरह निजी अस्पताल खुल गए हैं, जिनमें सुरक्षा मानकों (Fire Safety Norms) की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। उन्होंने प्रशासन को आदेश दिया है कि जो भी अस्पताल सरकारी मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।

मानकों की अनदेखी पर बरसे मंत्री

मंत्री रामकृपाल यादव ने जोर देकर कहा कि किसी भी निर्दोष की जान सिस्टम की लापरवाही की भेंट नहीं चढ़नी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे इस पूरे मामले की गहन जांच करें और यदि अस्पताल प्रशासन की ओर से सुरक्षा नियमों के प्रति लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका मानना है कि अस्पताल खोलना केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि सेवा का कार्य है, जिसमें सुरक्षा से समझौता करना अक्षम्य है।

परिजनों का छलका दर्द

हादसे के समय अस्पताल में मौजूद मरीजों के तीमारदारों (परिजन) ने उस भयावह स्थिति का वर्णन किया। एक मरीज के परिजन ने बताया कि सूचना मिलते ही वे घबराकर अस्पताल पहुंचे और किसी तरह अपने परिचित को आग व धुएं के बीच से सुरक्षित निकालकर दूसरे अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि वहां का मंजर बेहद डरावना था। वर्तमान में शिफ्ट किए गए मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से उपजे इस हादसे ने पूरे मुजफ्फरपुर को झकझोर कर रख दिया है।