Murshidabad Tension: मुर्शिदाबाद में प्रवासी मजदूर की मौत से उत्पन्न तनाव, सड़क और रेल संपर्क प्रभावित

मुर्शिदाबाद जिले में एक प्रवासी मजदूर का शव घर पहुँचते ही हिंसा भड़क उठी। परिजनों का दावा है कि कार्यस्थल पर उसके साथ बर्बरता हुई। आक्रोशित भीड़ ने रेलवे ट्रैक और नेशनल हाईवे को ब्लॉक कर दिया है। क्या पुलिस इस तनाव को शांत कर पाएगी या आंदोलन और उग्र होगा?

Murshidabad Tension

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 16, 2026

Murshidabad Tension: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में एक प्रवासी मजदूर की मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। 30 वर्षीय अलाउद्दीन शेख की मौत के बाद, ग्रामीणों ने शुक्रवार को बेलडांगा रेलवे स्टेशन और राष्ट्रीय राजमार्ग 12 को जाम कर दिया, जिससे उत्तर और दक्षिण बंगाल के बीच सड़क और रेल संपर्क पूरी तरह से ठप हो गया। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर घंटों विरोध किया और सड़क पर टायर जलाए।

प्रदर्शनकारियों ने महिला पत्रकार के साथ मारपीट की

विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई और एक महिला पत्रकार के साथ मारपीट की गई। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की और पुलिस की नाक के नीचे यह घटनाएं घटित हुईं। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, लेकिन तनाव अब भी बना हुआ है।

मृतक की पहचान और उसके परिवार का आरोप

मृतक की पहचान अलाउद्दीन शेख के रूप में हुई है, जो बेलडांगा के सुजापुर कुम्हारपुर ग्राम पंचायत का निवासी था। वह झारखंड में फेरी लगाता था। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार को उसके कमरे से शव फंदे से लटका हुआ मिला। हालांकि, परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार किया है। उनका आरोप है कि अलाउद्दीन की पहले पिटाई कर हत्या की गई और बाद में शव को फंदे से लटका दिया गया ताकि सबूत मिटाए जा सकें।

प्रशासन की कोशिशें, पुलिस बल तैनात

बेलडांगा इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन प्रदर्शनकारी स्थिति में कोई बदलाव नहीं चाहते और उनका कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं की जाती और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

ममता बनर्जी ने दी सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों पर हो रहे अत्याचारों की कड़ी निंदा की जानी चाहिए। ममता ने कहा कि बेलडांगा में अल्पसंख्यकों का गुस्सा जायज है और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। सरकार ने मामले की जांच शुरू कर दी है और FIR दर्ज की गई है। साथ ही, पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया गया है।

सुवेंदु अधिकारी का आरोप, असामाजिक तत्वों का दबदबा

विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने बेलडांगा में हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर राज्य पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “बेलडांगा में राष्ट्रीय राजमार्ग लंबे समय से अवरुद्ध है और ट्रेन सेवाएं भी ठप कर दी गई हैं। प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी की घटनाएं हो रही हैं और पूरे इलाके में असामाजिक तत्वों का दबदबा बना हुआ है।”

पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिससे बड़ी संख्या में यात्री फंसे हुए हैं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता से स्थिति और बिगड़ सकती है।

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