Pakistani Spy: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तान के लिए कथित तौर पर जासूसी करने और आतंकी साजिशों में मदद करने के आरोप में दो स्थानीय युवकों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है और भाजपा ने सत्तारूढ़ टीएमसी सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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ISI एजेंटों की गिरफ्तारी और STF की कार्रवाई
बताते चले कि, मुर्शिदाबाद में पश्चिम बंगाल एसटीएफ की साइबर टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो संदिग्धों, जुहाब शेख और सुमन शेख को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जुहाब शेख की संदिग्ध गतिविधियों पर पिछले काफी समय से नजर रखी जा रही थी। पूछताछ के दौरान उसने पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स के साथ संबंधों को स्वीकार किया, जिसके बाद शनिवार को बहरामपुर से उसके साथी सुमन शेख को भी पकड़ लिया गया। इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन और अवैध सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
सिम कार्ड और ओटीपी के जरिए डेटा चोरी का मॉडस ऑपरेंडी
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी सिम कार्ड बेचने के व्यवसाय की आड़ में देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। ये आरोपी निर्दोष नागरिकों के पहचान पत्रों का गलत इस्तेमाल कर सिम कार्ड एक्टिवेट करते थे और उन नंबरों से व्हाट्सएप अकाउंट बनाते थे। इसके बाद, वेरिफिकेशन के लिए आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP) को पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेज दिया जाता था। इस प्रक्रिया से पाकिस्तानी ऑपरेटिव भारतीय नंबरों वाले व्हाट्सएप अकाउंट्स को दूर बैठकर नियंत्रित करते थे, जिसका उपयोग जासूसी और सूचनाएं जुटाने के लिए किया जाता था।
पाकिस्तान से वित्तीय लेनदेन और जासूसी के साक्ष्य
एसटीएफ के अधिकारियों को संदेह है कि इन डिजिटल खातों के माध्यम से भारत की संवेदनशील जानकारी सीमा पार भेजी गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कम से कम सात बार ओटीपी साझा किए, जिसके बदले उन्हें मोटी रकम का भुगतान किया गया। यह पैसा सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। पुलिस अब इन बैंक ट्रांजेक्शन की कड़ियाँ जोड़ रही है ताकि इस जासूसी नेटवर्क की गहराई और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों का पता लगाया जा सके।
भाजपा का टीएमसी पर हमला और राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता
इस मामले पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर ममता सरकार को घेरते हुए कहा कि यह नेटवर्क कई वर्षों से सक्रिय था, जो एक गंभीर सुरक्षा चूक है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बुनियादी ढांचे के लिए भूमि आवंटन को जानबूझकर रोक रखा है। भाजपा का दावा है कि टीएमसी की नीतियां राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ हैं और अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है।
साइबर सेल की भूमिका और आगे की कानूनी जांच
वर्तमान में, एसटीएफ की साइबर टीम डिजिटल फॉरेंसिक के जरिए बरामद सिम कार्डों और फोन्स का विश्लेषण कर रही है। पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि क्या इस नेटवर्क का इस्तेमाल किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश रचने के लिए किया जाना था। पकड़े गए दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ जारी है ताकि सीमावर्ती जिलों में फैले इस जासूसी तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।









