Munger Crime : मुंगेर न्याय मंडल के विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) प्रदीप कुमार चौधरी की अदालत ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। नाबालिग पुत्रियों के यौन शोषण के मामले में दोषी पाए गए पूर्व CRPF जवान को आजीवन कारावास की सजा दी गई। साथ ही अदालत ने उस पर ₹30,000 का अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि अर्थदंड की राशि जमा नहीं की जाती है तो दोषी को तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला वर्ष 2022 में दर्ज हुआ था और जमालपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
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दोषी करार और सजा
अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 24 फरवरी 2026 को अभियुक्त को दोषी करार दिया था। सोमवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने भारतीय दंड संहिता और पाक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई।
होटल में ले जाकर करता था शोषण
जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी ही नाबालिग पुत्रियों का लंबे समय से शोषण कर रहा था। वह होटल बुक कर बच्चियों को वहां ले जाता और उनका यौन शोषण करता था। इस घटना ने पिता-पुत्री के रिश्ते को कलंकित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
जमालपुर पुलिस ने जांच के दौरान अहम सुराग जुटाए और आरोपी को एक होटल से गिरफ्तार किया। विस्तृत जांच के बाद पर्याप्त साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए गए। दोषी व्यक्ति पूर्व में CRPF का जवान रह चुका है और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) का भी हिस्सा रहा था। इस वजह से मामला और भी गंभीर माना गया।
पत्नी की शिकायत से खुला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी की पत्नी ने अपने पति के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति अपनी ही नाबालिग पुत्रियों के साथ हैवानियत कर रहा है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
गवाहों की गवाही
विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो एक्ट) प्रीतम कुमार वैश्य ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई। सभी गवाहों ने आरोपों का समर्थन किया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई।










