Bihar News: बिहार के मुंगेर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ दबंगों ने न केवल एक नाबालिग छात्रा के साथ हैवानियत की, बल्कि पुलिस के डर से पीड़ित परिवार को घंटों तक उनके ही घर में कैद कर रखा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दो मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
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खौफनाक वारदात का विवरण
घटना मुंगेर जिले के धरहरा थाना क्षेत्र की है। रविवार रात करीब 8 बजे, 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा अपने घर के मुख्य द्वार पर खड़ी थी। इसी दौरान गांव के दो दबंग युवक वहाँ पहुँचे और छात्रा का अपहरण करने की नीयत से उसे जबरन खींचने लगे। जब 10वीं की छात्रा ने शोर मचाने और विरोध करने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर उसे पास के एक सुनसान खेत में घसीट लिया। वहाँ एक युवक ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया, जबकि उसका साथी मौके पर निगरानी कर रहा था।
पीड़ित परिवार को घर में ही बनाया बंधक
इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपियों का दुस्साहस कम नहीं हुआ। उन्होंने पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को धमकी दी कि यदि पुलिस में शिकायत की, तो इसका परिणाम बुरा होगा। साक्ष्य मिटाने और शिकायत रोकने के उद्देश्य से आरोपियों ने पूरे परिवार को उनके ही घर में नजरबंद कर दिया। खौफ के साये में पीड़ित परिवार घंटों तक अपने ही घर में कैद रहा, जिससे वे तुरंत पुलिस तक नहीं पहुँच सके।
पीड़ित परिवार ने पुलिस को सुनाई आपबीती
सोमवार को किसी तरह साहस जुटाकर पीड़ित परिवार ने आपातकालीन नंबर 112 डायल किया और पुलिस को आपबीती सुनाई। सूचना मिलते ही पुलिस महकमा सक्रिय हुआ और गांव में छापेमारी कर दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुंगेर के सदर एसडीपीओ अभिषेक कुमार ने पुष्टि की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य संगीन धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर उसे चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेज दिया है।
एसडीपीओ का बयान
एसडीपीओ अभिषेक कुमार के अनुसार, घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भेजा गया था ताकि वैज्ञानिक तरीके से सबूत एकत्र किए जा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में ‘दबंगई’ और परिवार को बंधक बनाने के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं, तो आरोपियों पर अतिरिक्त कठोर धाराएं लगाई जाएंगी। पुलिस इस मामले में स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) के जरिए अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास कर रही है ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।










