Mumbai Politics: महाराष्ट्र के हालिया नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने ऐतिहासिक जीत की ओर कदम बढ़ाए हैं। हालांकि, चुनाव परिणामों के आते ही राज्य में राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी का सिलसिला भी शुरू हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के एक बयान के बाद बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार किया और उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
संजय राउत के बयान पर सुधांशु त्रिवेदी का जवाब
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने चुनावी परिणामों के बाद आरोप लगाया था कि मुंबई जैसे बड़े शहर में वोटिंग पैटर्न में गंभीर गड़बड़ियां हुईं। उनका कहना था कि हजारों लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब थे, जबकि कुछ लोग जो विधानसभा चुनाव में वोट डाल चुके थे, उनका नाम भी इस बार वोटर लिस्ट से हट गया। राउत ने दावा किया कि ईवीएम ठीक से काम नहीं कर रही थी और चुनाव आयोग उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहा था। इस आरोप पर पलटवार करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जो दल अपने गठबंधन सहयोगियों को साथ नहीं रख पाए, वे अब दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं।
शिवसेना (यूबीटी) को आत्मनिरीक्षण की सलाह
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी), जो खुद को बालासाहेब ठाकरे का उत्तराधिकारी मानती है, को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। उन्होंने कहा, “बालासाहेब ठाकरे हिंदुत्व के प्रतीक और हिंदू हृदय सम्राट थे, लेकिन आज शिवसेना (यूबीटी) एक ऐसे गठबंधन का हिस्सा है जिसमें मुस्लिम लीग भी शामिल है, जो आतंकवादियों का महिमामंडन करती है।” त्रिवेदी ने यह भी जोड़ा कि शिवसेना को अपनी भूमिका और अपने सहयोगियों के बारे में विचार करना चाहिए।
बीजेपी-NDA गठबंधन की अभूतपूर्व सफलता
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों का अभूतपूर्व प्रदर्शन हुआ है। उन्होंने महाराष्ट्र की जनता को धन्यवाद दिया और कहा कि यह जीत इस बात का प्रमाण है कि राज्य के लोग अब बदलाव की दिशा में सोच रहे हैं। उन्होंने इस जीत को बीजेपी-NDA-महायुति गठबंधन की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा और कहा कि यह संकेत है कि महाराष्ट्र में बीजेपी का जनाधार बढ़ा है।
संजय राउत के आरोपों को खारिज किया
राउत के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए त्रिवेदी ने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका पूरी तरह से निष्पक्ष रही है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना को खारिज किया। त्रिवेदी ने कहा कि संजय राउत का यह आरोप पूरी तरह से निराधार है, और इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद हो सकता है। उन्होंने चुनाव आयोग और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की सराहना की और उन्हें पूरी तरह से निष्पक्ष बताया।
बीजेपी ने ईवीएम और एग्जिट पोल पर भी सवाल उठाए
संजय राउत ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव परिणाम आने से पहले ही अपनी जीत का दावा कर दिया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में ईवीएम की कार्यप्रणाली और एग्जिट पोल पर सवाल उठने चाहिए, क्योंकि बीजेपी ने नतीजे घोषित होने से पहले ही जीत का उत्सव मनाना शुरू कर दिया था। इसके बाद राउत ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के अधिकारी और बीजेपी नेता एक बैठक में शामिल हुए थे, जो आचार संहिता का उल्लंघन था।
महाराष्ट्र के चुनाव परिणामों पर शिवसेना यूबीटी की प्रतिक्रिया
शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने यह भी कहा कि मुंबई चुनाव परिणामों के बाद पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हताश नहीं होने का संदेश देगी। उन्होंने पार्टी के अनुयायियों से यह भी कहा कि वे इस तरह की गड़बड़ी के बावजूद चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखें। राउत ने यह बयान चुनाव परिणामों के आने के बाद दिया, जब बीजेपी ने अपनी जीत का दावा करना शुरू कर दिया था।
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