Mumbai Muharram Poisoning Case: मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान हजारों लोगों की जान लेने की साजिश रचने वाले फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी (39) का मामला सामने आने के बाद हर कोई स्तब्ध है। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। हालांकि, जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी आतंकी संगठन की साजिश से कहीं अधिक एक व्यक्ति की मानसिक कुंठा और पारिवारिक टूटन की कहानी बयां करते हैं।
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कौन है फैयाज प्रेमजी?
बीबीए (BBA) स्नातक फैयाज प्रेमजी का जीवन पिछले कुछ वर्षों में पूरी तरह बिखर चुका था। जांच में पता चला है कि उसका वैवाहिक जीवन चार साल पहले ही समाप्त हो गया था, जब उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया था। परिवार में भी तनावपूर्ण संबंधों, भाई और रिश्तेदारों द्वारा नजरअंदाज किए जाने और सामाजिक बहिष्कार ने उसे मानसिक रूप से तोड़कर रख दिया था। फैयाज का अपना शिया समुदाय के प्रति भी गहरा आक्रोश था। आरोपी का दावा है कि उसके दादाजी ने भी शिया समुदाय की कठोर प्रथाओं के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसका गहरा असर फैयाज की मानसिकता पर पड़ा था।
बदला लेने की खौफनाक तैयारी
फैयाज ने इस हमले की योजना महीनों पहले तैयार कर ली थी। 2025 में पुणे लौटने के बाद, वह मुहर्रम के कार्यक्रमों का इंतजार कर रहा था। उसने एक सुनियोजित तरीके से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से 30,000 खाली कैप्सूल और 50 किलोग्राम ‘जिंक फॉस्फाइड’ (चूहा मार दवा) मंगवाई। एक होटल के कमरे में खुद को बंद कर, उसने यूट्यूब के जरिए कैप्सूल भरने की तकनीक सीखी और लगभग 30,000 जहरीले कैप्सूल तैयार किए।
जुलूस में ‘पेन किलर’ बनकर बांटे जहर
मुहर्रम के जुलूस के दौरान, भायखला और डोंगरी इलाकों में फैयाज ने बेहद शातिर तरीके से काम किया। वह जुलूस में शामिल लोगों को बैग से कैप्सूल बांट रहा था। जब पुलिस ने पूछताछ की, तो उसने मासूमियत से कहा कि ये ‘पेन किलर’ हैं, जो जुलूस के दौरान थकावट और दर्द में राहत देंगे। हालांकि, जैसे ही सलमान सैयद और एक अन्य व्यक्ति ने इसे खाया, उन्हें घबराहट और उल्टी होने लगी, जिससे राज खुल गया।
पुलिस की जांच और खुलासे
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने फैयाज को डोंगरी के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 14,900 जहरीले कैप्सूल बरामद किए गए। पुलिस की अब तक की जांच में किसी भी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन या चरमपंथी गुट से फैयाज का संबंध नहीं मिला है। हालांकि, उसके द्वारा की गई इराक और ईरान की यात्राओं के चलते अधिकारी उसके मोबाइल और इंटरनेट गतिविधियों की गहन फोरेंसिक जांच कर रहे हैं।
फिलहाल, फैयाज पुलिस हिरासत में है और उससे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या उसकी मानसिक स्थिति ही इस विनाशकारी कदम की एकमात्र वजह थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है। यह घटना समाज में मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी और व्यक्तिगत कुंठा के खौफनाक अंजाम का एक उदाहरण बन गई है।
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