Mumbai: मुंबई बारिश से बेहाल, सड़कों पर गिरे पेड़ और थमा ट्रैफिक!

मुंबई में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने भारी तबाही मचाई है। सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच चली तेज आंधी के कारण शहर भर में 250 से अधिक पेड़ धराशायी हो गए।

Mumbai

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 5, 2026

Mumbai: मुंबई में मानसून की पहली दस्तक ने न केवल राहत पहुंचाई, बल्कि शहर की व्यवस्था को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच हुई बारिश ने पूरे शहर को भिगो दिया, लेकिन इस बारिश के साथ आई तेज हवाओं ने सबसे अधिक कहर ढाया।

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250 से अधिक पेड़ धराशायी

मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई के कुछ हिस्सों में हवा की गति 77 किमी/घंटा तक दर्ज की गई। बांद्रा, घाटकोपर और अन्य वार्डों में चली इन तूफानी हवाओं के कारण शहर भर में 250 से अधिक पेड़ और उनकी शाखाएं टूटकर गिर गईं। सड़कों पर गिरे इन पेड़ों के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। बीएमसी को 12 स्थानों पर बेस्ट (BEST) बसों के मार्ग बदलने पड़े, हालांकि राहत की बात यह रही कि शहर में कहीं भी जलभराव (Waterlogging) की गंभीर समस्या दर्ज नहीं हुई और लोकल ट्रेन सेवाएं सामान्य बनी रहीं।

दो युवाओं की दर्दनाक मौत

इस आफत की बारिश ने दो परिवारों को ताउम्र न भरने वाला जख्म दे दिया। कुर्ला (कमानी) के गोम्स टाउन इलाके में एक दुकान पर पेड़ गिरने से 63 वर्षीय यूनुस कुंडावाला की मौत हो गई। वहीं, दूसरी घटना आरे कॉलोनी में हुई, जहां पेड़ की एक भारी टहनी गिरकर 18 वर्षीय कुमार हसन रजा के सिर पर लग गई। अस्पताल ले जाने पर दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। इन घटनाओं ने मानसून पूर्व पेड़ों की छंटाई (Trimming) के दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भूस्खलन और हादसों का सिलसिला

बारिश के दौरान केवल पेड़ ही नहीं गिरे, बल्कि भूस्खलन और जर्जर इमारतों के ढहने की घटनाएं भी सामने आईं। अन्टॉप हिल इलाके में पेड़ गिरने के साथ पहाड़ी की मिट्टी खिसकने (Landslide) से हड़कंप मच गया। इसी तरह, वरली डेयरी के पास एक खाली इमारत का हिस्सा ढह गया। गनीमत रही कि इन घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई। इसके अतिरिक्त, शहर में शॉर्ट सर्किट की 15 घटनाएं दर्ज की गईं, जो बारिश के दौरान बिजली की लाइनों की असुरक्षा को दर्शाती हैं।

प्रशासन की सक्रियता और नागरिकों की चिंता

घटना के तुरंत बाद बीएमसी, आपदा प्रबंधन विभाग और फायर ब्रिगेड की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। मुंबई पुलिस भी स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है। हालांकि, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और तेज बारिश की चेतावनी दी है, जिसने मुंबईकरों की चिंता बढ़ा दी है। आम नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पेड़ों की नियमित छंटाई के साथ-साथ जर्जर इमारतों और बिजली के तारों की सुरक्षा को लेकर अधिक पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके।

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