MS Dhoni Injury: आईपीएल के 19वें सीजन के आगाज से ठीक पहले पांच बार की विजेता चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खेमे से एक परेशान करने वाली खबर सामने आई है। टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी चोटिल होने के कारण टूर्नामेंट के शुरुआती चरण का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।
धोनी की चोट ने बढ़ाई चेन्नई की चिंता
टूर्नामेंट शुरू होने से चंद दिन पहले शनिवार, 28 मार्च को सीएसके मैनेजमेंट ने आधिकारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि की। टीम ने बताया कि महेंद्र सिंह धोनी काफ स्ट्रेन (Calf Strain) यानी पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या से जूझ रहे हैं। फिलहाल वह मेडिकल टीम की निगरानी में रिहैब प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। धोनी की यह अनुपस्थिति शुरुआती दो हफ्तों तक बनी रह सकती है, जो चेन्नई के लिए एक बड़ा रणनीतिक घाटा साबित हो सकती है। फ्रेंचाइजी ने सोशल मीडिया पर ‘गेट वेल सून थाला’ का संदेश लिखकर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अभियान का आगाज
महेंद्र सिंह धोनी की गैरमौजूदगी में चेन्नई सुपर किंग्स सोमवार शाम को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। धोनी का नेतृत्व और खेल को पढ़ने की क्षमता हमेशा टीम के लिए संकटमोचक रही है। उनकी अनुपस्थिति में टीम के पास मैदान पर वह ‘फिनिशर’ और ‘गाइड’ मौजूद नहीं होगा, जिसकी आदत सीएसके के खिलाड़ियों और फैंस को सालों से है। राजस्थान जैसी मजबूत टीम के खिलाफ बिना धोनी के उतरना चेन्नई के लिए सत्र की सबसे कठिन चुनौतियों में से एक होगा।
संजू सैमसन संभालेंगे विकेटकीपिंग के ग्लव्स
धोनी के मैदान से बाहर होने के बाद सबसे बड़ा सवाल विकेटकीपिंग को लेकर था। अब यह तय माना जा रहा है कि टीम की कमान या कम से कम विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संजू सैमसन को सौंपी जाएगी। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले साल दिसंबर में हुई आईपीएल 2026 की नीलामी से पहले चेन्नई ने एक बड़ा दांव खेलते हुए राजस्थान रॉयल्स के साथ ट्रेड किया था। सीएसके ने अपने दो स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और सैम करन को राजस्थान भेजकर संजू सैमसन को अपनी टीम में शामिल किया था। अब सैमसन के कंधों पर धोनी की कमी को पूरा करने का भारी दबाव होगा।
इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास और आईपीएल का सफर
महेंद्र सिंह धोनी ने अगस्त 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था, जिसके बाद से वे केवल आईपीएल में ही एक्शन में नजर आते हैं। क्रिकेट प्रेमी साल भर उनकी एक झलक पाने का इंतजार करते हैं। पिछले सीजन की बात करें तो धोनी ने सभी 14 मैचों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। उन्होंने करीब 24.50 की औसत और 135.17 के स्ट्राइक रेट से 196 रन बनाए थे। निचले क्रम पर आकर उनकी छोटी लेकिन विस्फोटक पारियां आज भी मैच का पासा पलटने का दम रखती हैं।
मुश्किल दौर से गुजर रही है पीली जर्सी वाली टीम
चेन्नई के लिए चोटों का सिलसिला नया नहीं है। पिछले साल टीम को तब बड़ा झटका लगा था जब नियमित कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ कोहनी में फ्रैक्चर के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। उस कठिन समय में धोनी ने एक बार फिर कप्तानी की बागडोर संभाली थी और टीम को संभाला था। हालांकि, इस बार धोनी खुद चोटिल हैं, ऐसे में टीम मैनेजमेंट को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा ताकि टूर्नामेंट की शुरुआत हार के साथ न हो।









