MP Crime News : छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित एमसीबी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ बरने नदी में रेत उत्खनन को लेकर हुए विवाद में एक युवक, सोनू चक्रधारी की जान चली गई है। परिजनों का आरोप है कि मध्य प्रदेश पुलिस के जवानों ने अवैध वसूली की मांग पूरी न होने पर युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना ने अंतरराज्यीय सीमा पर तनाव पैदा कर दिया है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह का सन्नाटा और रेत के लिए खूनी संघर्ष
घटना 3 मार्च 2026 की सुबह करीब 6 बजे की है। ग्राम पसौरी निवासी सोनू चक्रधारी अपने ट्रैक्टर के साथ डूमरघाट स्थित बरने नदी से रेत लेने गया था। उसके साथ गाँव के ही अन्य मजदूर भी मौजूद थे। परिजनों के अनुसार, यह रेत किसी व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं, बल्कि ‘प्रधानमंत्री आवास’ के निर्माण के लिए लाई जा रही थी। जैसे ही ट्रैक्टर रेत भरकर निकलने वाला था, तभी मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की दरसिला चौकी (थाना जैतपुर) से दो पुलिसकर्मी और एक अन्य व्यक्ति बोलेरो में सवार होकर वहां पहुंचे।
20 हजार की मांग और ट्रैक्टर पर हिंसक हमला
प्रत्यक्षदर्शियों और शिकायतकर्ता संतोष के मुताबिक, मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने रेत परिवहन को लेकर पूछताछ शुरू की। जल्द ही यह बहस विवाद में बदल गई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने रेत ले जाने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की। जब सोनू और उसके साथियों ने पैसे देने से असमर्थता जताई, तो एक पुलिसकर्मी ट्रैक्टर पर चढ़ गया और सोनू के साथ मारपीट करने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिसकर्मियों ने कानून को ताक पर रखकर शारीरिक हिंसा का सहारा लिया।
बेलचे से वार और युवक की दर्दनाक मौत
तनावपूर्ण स्थिति के बीच जब सोनू अपना ट्रैक्टर लेकर गांव की ओर वापस लौटने लगा, तब बोलेरो सवार लोगों ने उसका पीछा किया। आरोप है कि पीछा कर रहे लोगों ने बेलचे (फावड़े) से सोनू के सिर पर जोरदार प्रहार किया। वार इतना घातक था कि सोनू गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। ग्रामीण उसे आनन-फानन में केल्हारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया।
मध्य प्रदेश पुलिस के जवानों पर एफआईआर दर्ज
युवक की मौत की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। केल्हारी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दरसिला चौकी के जवान नितिन शुक्ला, राजू प्रजापति और एक नागरिक मधु जायसवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। एमसीबी जिले की एसपी रत्ना सिंह ने स्वयं मौके का मुआयना किया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। पुलिस ने उस बोलेरो गाड़ी को भी जब्त कर लिया है, जो घटनास्थल के पास फंसी हुई मिली थी।
सीमावर्ती इलाकों में अवैध उत्खनन और जनप्रतिनिधियों का आक्रोश
इस घटना ने ग्रामीणों में भारी आक्रोश भर दिया है। बरने नदी के किनारे बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पूर्व विधायक गुलाब कमरो सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और उच्च स्तरीय जांच की मांग की। बता दें कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर बहने वाली बरने नदी लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन का केंद्र रही है, और यहाँ वर्चस्व को लेकर अक्सर दोनों राज्यों की पुलिस और रेत माफियाओं के बीच विवाद की खबरें आती रहती हैं।
भविष्य की कार्रवाई और पारदर्शिता की मांग
सोनू चक्रधारी की मौत ने एक गरीब परिवार को उजाड़ दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मध्य प्रदेश पुलिस अपने आरोपी जवानों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस की जांच में सहयोग करेगी? स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में पारदर्शी जांच नहीं हुई और आरोपियों को जेल नहीं भेजा गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। फिलहाल, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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