Mojtaba Khamenei: मोज्तबा खामेनेई की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई हलचल, अंतिम संस्कार में जुटे बड़े नेता

ईरान में खामेनेई परिवार के अंतिम संस्कार में शीर्ष नेताओं की मौजूदगी के बीच सबसे बड़ी चर्चा मोज्तबा खामेनेई की अनुपस्थिति को लेकर रही। आखिर वह इस महत्वपूर्ण मौके पर क्यों नहीं दिखे, क्या सुरक्षा कारण थे या कोई राजनीतिक संकेत छिपा है? जानिए पूरी कहानी विस्तार से।

मोज्तबा खामेनेई की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई हलचल

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 5, 2026

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Mojtaba Khamenei: ईरान की राजधानी तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में आयोजित की गईं, जहां देश की शीर्ष राजनीतिक और धार्मिक हस्तियों की मौजूदगी देखने को मिली। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग भी अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए।

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खामेनेई परिवार के सदस्य हुए शामिल

अंतिम नमाज के दौरान अयातुल्ला अली खामेनेई के परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके बेटे मसूद, मेयसाम और मुस्तफा अंतिम प्रार्थना में शामिल हुए। इसके अलावा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ कमांडर अहमद वहीदी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। हालांकि, सबसे अधिक ध्यान उनके कथित उत्तराधिकारी मोज्तबा खामेनेई की अनुपस्थिति पर केंद्रित रहा, जो इस महत्वपूर्ण अवसर पर सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए।

मोज्तबा खामेनेई की गैरमौजूदगी पर चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोज्तबा खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल न होने के पीछे सुरक्षा कारण बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि इजरायल की ओर से संभावित खतरे और उन्हें निशाना बनाए जाने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी सार्वजनिक उपस्थिति को जोखिमपूर्ण माना। इसी वजह से उन्होंने अंतिम संस्कार में भाग नहीं लिया। उनकी अनुपस्थिति ने राजनीतिक और सुरक्षा विश्लेषकों के बीच कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया है, क्योंकि उन्हें ईरान के संभावित भविष्य के नेतृत्व से जोड़ा जाता रहा है।

धार्मिक नेतृत्व द्वारा अंतिम नमाज

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) के अनुसार, देश के वरिष्ठ धार्मिक नेता आयतुल्ला जाफर सोभानी ने अंतिम संस्कार के दौरान नमाज अदा कराई। यह प्रार्थना अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों की आत्मा की शांति के लिए की गई। इस धार्मिक कार्यक्रम में देश के कई प्रमुख धर्मगुरु और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिससे यह आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील बन गया।

राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व की उपस्थिति

इस अंतिम संस्कार में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसनी एजेई जैसे शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। इसके साथ ही, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के प्रमुख इस्माइल क़ानी भी अंतिम प्रार्थना में मौजूद रहे। इन सभी नेताओं की उपस्थिति ने इस आयोजन के राजनीतिक महत्व को और अधिक बढ़ा दिया।

तेहरान में बड़े पैमाने पर आयोजन

तेहरान में आयोजित इन अंतिम संस्कार रस्मों में देशभर से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही और प्रशासन ने किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए व्यापक इंतजाम किए।

अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और तनाव

इसी बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी घटनाक्रम तेज रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा कि उनका और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच संबंध अच्छे हैं। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि “नेतन्याहू जानते हैं कि नेतृत्व किसके पास है।”

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समुद्री मार्गों में बदलाव

इस पूरे घटनाक्रम के बीच होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े समुद्री यातायात में भी बदलाव देखा गया। शिप ट्रैकिंग कंपनी विंडवर्ड के अनुसार, चार जहाजों ने अपनी यात्रा दिशा बदल दी। इनमें से दो जहाज वापस लौट गए, जबकि दो ने ओमान के दक्षिणी मार्ग को छोड़कर ईरान के नजदीक मध्य समुद्री रास्ता अपनाया।

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