Mojtaba Khamenei: ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य और कूटनीतिक संघर्ष के बीच एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है जिसने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक हालिया गोपनीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे और संभावित उत्तराधिकारी, मोजतबा खामेनेई, समलैंगिक हो सकते हैं। यह खुलासा उस देश के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है जहाँ समलैंगिकता को न केवल सामाजिक रूप से वर्जित माना जाता है, बल्कि इसके लिए मृत्युदंड जैसे कठोर कानूनी प्रावधान भी मौजूद हैं। इस रिपोर्ट ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व की छवि और उनकी धार्मिक कट्टरता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया: हंसी और अविश्वास का माहौल
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब पिछले हफ्ते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस विशेष खुफिया इनपुट के बारे में जानकारी दी गई, तो कमरे का माहौल पूरी तरह बदल गया। जैसे ही ब्रीफिंग के दौरान मोजतबा की निजी पसंद का जिक्र आया, ट्रंप अपनी हंसी नहीं रोक पाए और जोर से हंस पड़े। वहां मौजूद अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस दावे पर चुटकी ली और इसे ईरान के कट्टरपंथी शासन के लिए एक बड़ा विरोधाभास बताया। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यह जानकारी उनके सबसे सुरक्षित और उच्च-स्तरीय स्रोतों से प्राप्त हुई है, जिसे व्हाइट हाउस के भीतर काफी गंभीरता और विश्वसनीयता के साथ देखा जा रहा है।
पुराने संबंधों का जिक्र: शिक्षक के साथ रिश्ते का दावा
खुफिया रिपोर्ट में मोजतबा के अतीत के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई है। इसमें दावा किया गया है कि मोजतबा का अपने बचपन के एक शिक्षक के साथ बेहद करीबी और लंबा संबंध रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यह निजी रिश्ता कई वर्षों तक गुप्त रूप से जारी रहा। खुफिया अधिकारियों का यह भी कहना है कि मोजतबा ने कई अन्य पुरुषों के साथ भी संबंध बनाने का प्रयास किया था। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन दावों की पुष्टि के लिए अब तक कोई ठोस लिखित या वीडियो साक्ष्य सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किए गए हैं, लेकिन जासूसी एजेंसियों का मानना है कि उनके पास इसके पर्याप्त मौखिक और परिस्थितिजन्य प्रमाण मौजूद हैं।
लंदन की गुप्त यात्राएं और चिकित्सा उपचार का रहस्य
मोजतबा खामेनेई की बार-बार होने वाली लंदन यात्राओं को लेकर भी इस रिपोर्ट में नया दृष्टिकोण पेश किया गया है। आधिकारिक तौर पर यह कहा जाता रहा है कि वह इलाज के लिए ब्रिटेन जाते थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने लंदन के प्रसिद्ध वेलिंगटन और क्रॉमवेल अस्पतालों में कम से कम तीन बार भर्ती होकर अपना उपचार करवाया था। खुफिया सूत्रों का तर्क है कि उनके निजी जीवन के इन विशेष तथ्यों और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण ही उनकी शादी में काफी देरी हुई थी। यह यात्राएं केवल सामान्य बीमारी के लिए नहीं, बल्कि उनके जीवन से जुड़े कुछ ऐसे पहलुओं को सुलझाने के लिए थीं, जिन्हें ईरान में सार्वजनिक नहीं किया जा सकता था।
संतान सुख की चुनौती और कट्टर कानूनों का विरोधाभास
एक लीक हुई राजनयिक फाइल के अनुसार, मोजतबा खामेनेई लंबे समय तक ‘इंफर्टिलिटी’ (बांझपन) की समस्या से भी जूझ रहे थे। खामेनेई परिवार के लिए वारिस की चिंता इतनी बड़ी थी कि मोजतबा को इसके विशेषज्ञ इलाज के लिए चार बार यूनाइटेड किंगडम जाना पड़ा। दो महीने तक लंदन में गहन चिकित्सा प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही उनकी पत्नी अंततः गर्भवती हो सकीं। यह स्थिति इसलिए भी पेचीदा है क्योंकि मोजतबा के पिता, अयातुल्ला खामेनेई, ईरान के उन सख्त कानूनों के संरक्षक हैं जहाँ समलैंगिक संबंधों के लिए कोड़े मारने और फांसी जैसी सजाएं दी जाती हैं। यदि ये अमेरिकी दावे सच साबित होते हैं, तो यह ईरानी सत्ता के नैतिक और धार्मिक आधार को हिलाकर रख सकता है।









