Nuclear Power Iran : ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खमेनेई का बड़ा ऐलान, परमाणु शक्ति और होर्मुज हमारी पूंजी

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खमेनेई ने खामोशी तोड़ी है। उन्होंने सरकारी टीवी पर पढ़वाए गए संदेश में कहा कि परमाणु और मिसाइल क्षमता ईरान की 'राष्ट्रीय पूंजी' है। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि विदेशी ताकतों की जगह केवल समुद्र की गहराई में है।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 30, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

Nuclear Power Iran : क्षेत्रीय शांति वार्ताओं और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामनेई ने एक बेहद आक्रामक और स्पष्ट बयान जारी किया है। ‘फारस की खाड़ी के आजादी दिवस’ के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए मुज्तबा ने परमाणु कार्यक्रम को ईरान की सबसे बड़ी ‘पूंजी’ करार दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान अपनी सैन्य और वैज्ञानिक शक्ति से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। मुज्तबा ने न केवल परमाणु क्षमता, बल्कि ईरान के उन्नत मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रमों को भी राष्ट्र की सुरक्षा का आधार स्तंभ बताया। उनके इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं को सीमित करने वाली किसी भी बाहरी शर्त को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।

अमेरिका को बताया ‘महान शैतान’ और दबाव की राजनीति का विरोध

अपने संबोधन में मुज्तबा खामनेई ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘महान शैतान’ की संज्ञा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से ईरान पर आर्थिक और सामरिक दबाव बनाने की साजिश रच रहा है। मुज्तबा ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान की संप्रभुता और ताकत का प्रतीक है और इसकी रक्षा के लिए ईरानी राष्ट्र पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने फारस की खाड़ी को ईश्वर का उपहार बताते हुए कहा कि यह केवल पानी का हिस्सा नहीं, बल्कि ईरानी सभ्यता और पहचान का अभिन्न अंग है, जिस पर सदियों से विदेशी ‘शैतानों’ की लालची निगाहें टिकी रही हैं।

ऐतिहासिक संघर्ष और शहादत का जिक्र

ईरानी नेतृत्व ने देश की सुरक्षा के लिए दी गई कुर्बानियों को याद करते हुए कहा कि ईरान को बचाने के लिए हजारों लोगों ने अपनी शहादत दी है। मुज्तबा ने कहा, “जिन्होंने अपना खून बहाया है, उनका बलिदान हमें झुकने की इजाजत नहीं देता।” उन्होंने यूरोपीय और अमेरिकी ताकतों के पिछले हमलों का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे इन शक्तियों ने इस क्षेत्र में केवल असुरक्षा और नुकसान पैदा किया है। उन्होंने अमेरिका के ‘तलवार लहराने’ के नए प्रयासों को दुनिया की घमंडी ताकतों की एक और खतरनाक साजिश करार दिया, जिसे ईरानी राष्ट्र नाकाम करने के लिए तैयार है।

90 मिलियन ईरानियों की एकजुटता का आह्वान

मुज्तबा ने अपनी वैज्ञानिक और औद्योगिक उपलब्धियों का बचाव करते हुए कहा कि आज 90 मिलियन (9 करोड़) बहादुर ईरानी अपने देश की सीमाओं की रक्षा के लिए एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि नैनो और बायो टेक्नोलॉजी से लेकर न्यूक्लियर और मिसाइल तकनीक तक, ईरान की हर आधुनिक क्षमता एक राष्ट्रीय संपत्ति है। जैसे ईरानी अपनी जमीन और हवा की रक्षा करते हैं, वैसे ही वे अपनी इन तकनीकों की भी रक्षा करेंगे। उन्होंने जोर दिया कि आज न केवल ईरानी राष्ट्र, बल्कि पूरी ‘इस्लामिक उम्माह’ जायोनीवाद (इजराइल) और अमेरिका के खिलाफ संघर्ष में एक साथ खड़ी है।

पड़ोसी देशों को चेतावनी और दोस्ती का पैगाम

सुप्रीम लीडर ने अमेरिका के मित्र पड़ोसी देशों को आगाह करते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य ठिकाने ‘खोखले’ हैं और वे खुद की रक्षा करने में भी सक्षम नहीं हैं। उन्होंने पड़ोसी सुन्नी देशों को संदेश दिया कि इस क्षेत्र का उज्ज्वल भविष्य ‘अमेरिका के बिना’ ही संभव है। मुज्तबा ने स्पष्ट किया कि उनकी दुश्मनी केवल अमेरिका और इजराइल से है, जबकि वे फारस की खाड़ी और ओमान सागर के पार के अपने पड़ोसियों के साथ एक जैसी किस्मत साझा करना चाहते हैं और उनके साथ मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करने के इच्छुक हैं।

अमेरिका की शर्तों पर झुकने से इनकार

मुज्तबा खामनेई के इस कड़े बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी है। यह संदेश साफ है कि शांति वार्ताओं के बावजूद ईरान अपने परमाणु और सामरिक हितों पर कोई पीछे हटने वाला कदम नहीं उठाएगा। उन्होंने यह सुनिश्चित कर दिया है कि ईरान अमेरिका की शर्तों के आगे घुटने नहीं टेकेगा। अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिकी प्रशासन और खाड़ी के सुन्नी देश ईरान के इस कड़े और दोहरे रुख (अमेरिका से दुश्मनी और पड़ोसियों से दोस्ती) पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

2