Mohan Yadav in Bondari: नक्सल प्रभावित बोंदारी में विकास की नई सुबह, CM ने ग्रामीणों से किया संवाद

नक्सल प्रभावित बोंदारी में मुख्यमंत्री मोहन यादव के पहुंचने से विकास की उम्मीदों को नई रफ्तार मिली है। ग्रामीणों से सीधे संवाद के दौरान उन्होंने क्षेत्र की जरूरतों और समस्याओं को जाना। अब सवाल है कि मुख्यमंत्री के दौरे के बाद बोंदारी में विकास की कौन-सी नई तस्वीर सामने आएगी और क्या बदलेगा?

Mohan Yadav in Bondari

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 29, 2026

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Mohan Yadav in Bondari:  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बालाघाट जिले के पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे ग्राम बोंदारी का दौरा किया। यहां उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, विकास की जरूरतों और स्थानीय लोगों की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री के साथ प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, सांसद भारती पारधी, मंत्री संपतिया उइके सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

ग्रामीणों से बातचीत कर जानीं स्थानीय जरूरतें

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से बातचीत के दौरान गांव में उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान पशुपालन को बढ़ावा देने, बेहतर आवास उपलब्ध कराने, पोषण आहार के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने और वन विभाग के सहयोग से स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग जैसे मुद्दे सामने आए। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।

हर पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश

डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ किसी भी पात्र परिवार से नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ ग्रामीणों की बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता देने को कहा। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों से योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने और स्थानीय लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुरक्षा के साथ विकास और रोजगार सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो क्षेत्र कभी नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं, वहां अब सरकार की प्राथमिकता सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों को स्थायी आजीविका के साधन उपलब्ध कराना भी जरूरी है। सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करेगी।

बालाघाट में 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न विभागों से जुड़े करीब 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा की। इन परियोजनाओं के जरिए क्षेत्र की सामाजिक और मूलभूत अधोसंरचना को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। विकास कार्यों में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी आवश्यक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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कृषि और रोजगारपरक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

सरकार स्थानीय संसाधनों और क्षेत्र की संभावनाओं के आधार पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी काम करेगी। मुख्यमंत्री ने पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वन आधारित आजीविका और अन्य रोजगारपरक कार्यों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों में विकास को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जाने चाहिए। इससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही आजीविका के साधन मिल सकेंगे।

युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर

डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नए व्यवसाय और आजीविका के विकल्प विकसित किए जाएंगे। इससे युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे क्षेत्रों में पलायन करने की जरूरत कम होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

नक्सल से विकास की ओर बढ़ रहा बालाघाट

मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट अब नक्सल प्रभावित पहचान से निकलकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि क्षेत्र में स्थायी शांति के साथ सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिले। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव और हर परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं और रोजगार के विस्तार के जरिए क्षेत्र में बेहतर भविष्य की नींव तैयार की जाएगी।

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