मोहन भागवत का आज स्वयंसेवकों से संवाद, कल होगी संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक

जबलपुर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज (25 अक्टूबर) जबलपुर में महाकौशल प्रांत के महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों के शिविर में शामिल होंगे। वे दो सत्रों में युवा स्वयंसेवकों से संवाद कर उनका मार्गदर्शन करेंगे। डॉ. मोहन भागवत 24 से 26 अक्टूबर तक तीन दिवसीय प्रवास पर जबलपुर में हैं। प्रवास के अंतिम दिन सोमवार, 26 अक्टूबर को वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महाकौशल प्रांत की कार्यकारिणी और विभाग टोली के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इसमें संगठनात्मक कार्यों, गतिविधियों और समसामयिक विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही आगामी कार्यों के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएगा। भागवत ने मुख्य

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अक्टूबर 25, 2026

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जबलपुर 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आज (25 अक्टूबर) जबलपुर में महाकौशल प्रांत के महाविद्यालयीन स्वयंसेवकों के शिविर में शामिल होंगे। वे दो सत्रों में युवा स्वयंसेवकों से संवाद कर उनका मार्गदर्शन करेंगे।

डॉ. मोहन भागवत 24 से 26 अक्टूबर तक तीन दिवसीय प्रवास पर जबलपुर में हैं। प्रवास के अंतिम दिन सोमवार, 26 अक्टूबर को वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महाकौशल प्रांत की कार्यकारिणी और विभाग टोली के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।

इसमें संगठनात्मक कार्यों, गतिविधियों और समसामयिक विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही आगामी कार्यों के संबंध में मार्गदर्शन दिया जाएगा।

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भागवत ने मुख्य शिक्षक और वरिष्ठ दायित्ववान कार्यकर्ताओं से किया संवाद
प्रवास के पहले दिन शनिवार को डॉ. मोहन भागवत ने जबलपुर महानगर में निवासरत मुख्य शिक्षक और उनसे ऊपर के दायित्वों पर कार्यरत स्वयंसेवकों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने संगठनात्मक कार्यों से जुड़े विषयों पर चर्चा की और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।

शनिवार को जबलपुर में भव्य पथ संचलन भी निकाला गया। इसमें महाकौशल प्रांत के 34 जिलों से 16 से 32 वर्ष आयु वर्ग के 3,185 स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। शिविर में करीब 500 प्रबंधक भी अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

20 मंचों से नागरिकों ने देखा पथ संचलन
पथ संचलन देखने के लिए जबलपुर महानगर की विभिन्न जाति-बिरादरियों, भाषा-भाषी समूहों, कृषक समुदाय सहित समाज की 20 श्रेणियों के प्रभावी, विशिष्ट और गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया गया था। संचलन मार्ग पर 20 मंच बनाए गए, जहां अतिथियों और समाज के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों ने संचलन देखा। बड़ी संख्या में आम नागरिक भी मौजूद रहे।

कई लोगों ने पहली बार इस तरह का पथ संचलन देखा और स्वयंसेवकों के अनुशासन, कदमताल, एकरूपता और सामूहिकता की सराहना की।