Ayodhya Deepotsav 2026: रामनगरी में दीपोत्सव की बड़ी तैयारी, 56 घाटों पर जगमगाएंगे 30 लाख दीप

अयोध्या दीपोत्सव 2026 में सरयू तट के 56 घाटों पर 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। सात नवंबर को होने वाले आयोजन के लिए 33 लाख दीप मंगाए जा रहे हैं। पिछले साल रामनगरी में 26.17 लाख दीप जले थे, जबकि उज्जैन में 33.27 लाख दीपों का रिकॉर्ड बना था।

Ayodhya Deepotsav 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 25, 2026

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Ayodhya Deepotsav 2026: दीप जलाने के विश्व रिकॉर्ड की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब रामनगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी में है। इस बार दीपोत्सव के दौरान सरयू नदी के तट पर 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य रखा गया है। सात नवंबर को अयोध्या के 56 घाटों पर लाखों दीप एक साथ रोशन किए जाएंगे। इस भव्य आयोजन के लिए करीब 33 लाख दीप मंगाए जा रहे हैं, ताकि लक्ष्य पूरा करने में किसी तरह की कमी न रह जाए।

सरयू तट के 56 घाटों पर दीपोत्सव की भव्य तैयारी

सरयू तट के 56 घाटों पर दीपोत्सव की भव्य तैयारी

अयोध्या में दीपोत्सव को खास बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। रामनगरी के सरयू तट पर स्थित 56 घाटों को लाखों दीपों से सजाने की योजना है। अगर 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य पूरा हो जाता है, तो अयोध्या एक साथ सबसे ज्यादा दीप प्रज्ज्वलित करने के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगी। हालांकि, मौजूदा विश्व रिकॉर्ड मध्य प्रदेश के उज्जैन के नाम है, जहां इस साल सितंबर में 33 लाख से ज्यादा दीप जलाए गए थे।

2017 में 1.87 लाख दीपों से हुई थी शुरुआत

अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत साल 2017 में हुई थी। उस समय 1,87,213 दीप जलाकर इस आयोजन की शुरुआत की गई थी। पहले ही साल अयोध्या ने उज्जैन में 1.51 लाख दीप जलाने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। इसके बाद हर साल दीपों की संख्या बढ़ती गई और दीपोत्सव रामनगरी की पहचान के साथ-साथ विश्व स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।

2018 से 2021 तक लगातार बढ़ा दीप जलाने का रिकॉर्ड

दीपोत्सव के शुरुआती वर्षों में अयोध्या ने लगातार नए कीर्तिमान बनाए। साल 2018 में 3,01,152 दीप जलाए गए, जबकि 2019 में यह संख्या बढ़कर 4,04,026 हो गई। साल 2020 में 6,06,569 दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इसके बाद 2021 में 9,41,551 दीप जलाकर अयोध्या ने एक बार फिर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। हर साल बढ़ती दीपों की संख्या ने इस आयोजन को और भव्य बना दिया।

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उज्जैन और अयोध्या के बीच विश्व रिकॉर्ड की दिलचस्प होड़

उज्जैन और अयोध्या के बीच विश्व रिकॉर्ड की दिलचस्प होड़

दीप जलाने के विश्व रिकॉर्ड को लेकर अयोध्या और उज्जैन के बीच लगातार प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। साल 2022 में उज्जैन ने महाशिवरात्रि पर 11,71,078 दीप जलाकर अयोध्या का रिकॉर्ड तोड़ा। लेकिन उसी साल अयोध्या ने 15,76,955 दीप प्रज्ज्वलित कर फिर से नया रिकॉर्ड बना दिया।साल 2023 में उज्जैन में 18,82,229 दीप जलाए गए, लेकिन अयोध्या ने 22,23,000 दीप जलाकर इस आंकड़े को पीछे छोड़ दिया। साल 2024 में अयोध्या में 25,12,000 से ज्यादा दीप प्रज्ज्वलित किए गए, जबकि उज्जैन में 5.51 लाख दीप जलाए जाने की जानकारी सामने आई।

2025 में अयोध्या ने 26.17 लाख दीप जलाकर बनाया रिकॉर्ड

साल 2025 में रामनगरी के 56 घाटों पर 26,17,215 दीप जलाए गए थे। इस आयोजन के जरिए अयोध्या ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अब इस साल पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने की तैयारी है। 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य पिछले साल की तुलना में करीब 3.83 लाख ज्यादा है। ऐसे में इस बार दीपोत्सव के दौरान दीपों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

उज्जैन के 33.27 लाख दीपों का रिकॉर्ड तोड़ना आसान नहीं

इस साल 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर 33,27,125 दीप प्रज्ज्वलित किए जाने का रिकॉर्ड सामने आया। इस रिकॉर्ड के बाद अयोध्या के सामने बड़ी चुनौती है। 30 लाख दीप जलाने का लक्ष्य पूरा होने पर भी रामनगरी उज्जैन से आगे नहीं निकल पाएगी।

उज्जैन का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए अयोध्या को करीब 33.28 लाख दीप जलाने होंगे। फिलहाल दीपोत्सव में 30 लाख दीप जलाने की तैयारी है। ऐसे में सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अयोध्या इस बार अपने पुराने रिकॉर्ड को कितना पीछे छोड़ पाती है और क्या आने वाले वर्षों में विश्व रिकॉर्ड फिर रामनगरी के नाम हो पाता है।