मोहम्मद शमी से SIR फॉर्म भरने में चूक, चुनाव आयोग ने जांच के लिए कोलकाता बुलाया

नई दिल्ली क्रिकेटर मोहम्मद शमी को सोमवार को कोलकाता के जादवपुर में स्थित एक स्कूल में SIR सत्यापन सुनवाई के लिए उपस्थित होने को कहा गया था, लेकिन वह राजकोट में विजय हजारे ट्रॉफी में बंगाल का प्रतिनिधित्व करने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि शमी और उनके भाई मोहम्मद कैफ को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। मगर, शमी ने निर्वाचन आयोग से नई तारीखों के लिए अपील की, जिसे स्वीकार करते हुए उनकी सुनवाई अब 9 जनवरी से 11 जनवरी के बीच दोबारा होगी।   मोहम्मद शमी कोलकाता नगर निगम के वार्ड

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Published On :

जनवरी 6, 2026

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नई दिल्ली
क्रिकेटर मोहम्मद शमी को सोमवार को कोलकाता के जादवपुर में स्थित एक स्कूल में SIR सत्यापन सुनवाई के लिए उपस्थित होने को कहा गया था, लेकिन वह राजकोट में विजय हजारे ट्रॉफी में बंगाल का प्रतिनिधित्व करने के कारण उपस्थित नहीं हो सके। अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि शमी और उनके भाई मोहम्मद कैफ को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। मगर, शमी ने निर्वाचन आयोग से नई तारीखों के लिए अपील की, जिसे स्वीकार करते हुए उनकी सुनवाई अब 9 जनवरी से 11 जनवरी के बीच दोबारा होगी।
 
मोहम्मद शमी कोलकाता नगर निगम के वार्ड 93 के मतदाता हैं, जो रासबिहारी निर्वाचन क्षेत्र में आता है। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के एक अफसर ने कहा, 'शमी और उनके भाई की ओर से भरे गए नामांकन फॉर्म में गलती थी, जिसके कारण उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया था।' उत्तर प्रदेश के निवासी शमी कई वर्षों से अपने क्रिकेट करियर के चलते कोलकाता में रह रहे हैं। वह बहुत कम उम्र में इस शहर में रहने लगे थे। बाद में उन्होंने बंगाल के पूर्व रणजी कप्तान समबारन बनर्जी के मार्गदर्शन में राज्य की अंडर-22 टीम में जगह बनाई थी।

SIR को लेकर अदालत जाएंगी ममता बनर्जी
इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह राज्य में SIR के दौरान किए गए अमानवीय आचरण के खिलाफ अदालत का रुख करेंगी। दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से जुड़े भय, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण कई लोगों की मौत हुई है। कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा ने कहा कि वह अदालत जा सकती हैं लेकिन उन घुसपैठियों की रक्षा नहीं कर पाएंगी जो टीएमसी का मुख्य वोट बैंक हैं। बनर्जी ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने का प्रयास हो रहा है।

 

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