Mohammad Bagher Ghalibaf: ईरान का अमेरिका को कड़ा संदेश, संसद अध्यक्ष बोले- पश्चिमी देशों का दबदबा खत्म, दुनिया में आएगा ‘नया वर्ल्ड ऑर्डर’

ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने दावा किया है कि दुनिया एक नई वैश्विक व्यवस्था (New World Order) की ओर बढ़ रही है

Mohammad Bagher Ghalibaf

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 17, 2026

Mohammad Bagher Ghalibaf: ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने रविवार को कहा कि दुनिया अब एक नई वैश्विक व्यवस्था की दहलीज पर खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी देशों का पारंपरिक दबदबा तेजी से कमजोर हो रहा है और भविष्य अब ग्लोबल साउथ का है। गालिबाफ ने यह भी कहा कि अमेरिका और इजरायल के सैन्य तथा आर्थिक दबाव के खिलाफ ईरान की 70 दिन की प्रतिरोध लड़ाई ने इस बदलाव की रफ्तार और तेज कर दी है।

Ebola Virus: दुनिया पर मंडराया महामारी का खतरा! ईबोला के नए स्ट्रेन से बढ़ी चिंता

चीन के राष्ट्रपति के बयान का उल्लेख

गालिबाफ ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि “सदी में पहली बार दुनिया में बड़ा परिवर्तन तेजी से हो रहा है।” गालिबाफ ने कहा कि ईरानी जनता के प्रतिरोध ने उस वैश्विक बदलाव को गति दी है जिसकी चर्चा चीन पहले से करता आ रहा है।

सोशल मीडिया पर संदेश

गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि दुनिया अब नई व्यवस्था के मुहाने पर खड़ी है। उन्होंने कहा कि भविष्य उन देशों का होगा जिन्हें अब तक पश्चिमी ताकतों के प्रभाव में देखा जाता रहा है।

ट्रंप-शी मुलाकात के बाद आया बयान

गालिबाफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में चीन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में व्यापार समझौते, टैरिफ और ताइवान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। शी जिनपिंग ने कहा था कि दुनिया एक नए मोड़ पर खड़ी है और सवाल यह है कि क्या चीन और अमेरिका “थ्यूसीडिड्स ट्रैप” से बाहर निकलकर बड़े देशों के रिश्तों का नया मॉडल बना सकते हैं।

क्या है ‘थ्यूसीडिड्स ट्रैप’

“थ्यूसीडिड्स ट्रैप” शब्द का इस्तेमाल पहली बार हार्वर्ड विश्वविद्यालय के विद्वान ग्राहम टी एलिसन ने किया था। इसका मतलब ऐसी स्थिति से है, जब कोई उभरती ताकत किसी मौजूदा वैश्विक शक्ति को चुनौती देती है और इससे टकराव का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शी जिनपिंग ने इस टिप्पणी के जरिए पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव की ओर इशारा किया।

सहयोग पर जोर

शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच मतभेदों से ज्यादा साझा हित हैं। उन्होंने कहा कि एक देश की सफलता दूसरे के लिए अवसर बन सकती है। सहयोग से दोनों देशों को फायदा होगा, जबकि टकराव दोनों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।

PM Modi Sweden Visit: स्वीडन पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, लड़ाकू विमानों ने आसमान में दिया भव्य ‘गार्ड ऑफ ऑनर’