गांव-गांव पहुंचेगी आधुनिक खेती की सीख, बिहार सरकार का गन्ना मिशन शुरू

पटना. बिहार में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब पंचायत स्तर तक विशेष अभियान चलाने जा रही है। इसके तहत कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को गन्ने की आधुनिक और लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। गन्ना उद्योग विभाग की ओर से तैयार की गई इस योजना का उद्देश्य गन्ने के रकबे और उत्पादन दोनों में वृद्धि करना है, ताकि किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ चीनी एवं गुड़ उद्योग को भी पर्याप्त कच्चा माल मिल सके। साथ ही किसानों को भी शासन के विभिन्न विभागों (कृषि, सहकारिता, लघु जल संसाधन, जल संसाधन, पर्यावरण, वन

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Published On :

मई 21, 2026

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पटना.

बिहार में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब पंचायत स्तर तक विशेष अभियान चलाने जा रही है। इसके तहत कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को गन्ने की आधुनिक और लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। गन्ना उद्योग विभाग की ओर से तैयार की गई इस योजना का उद्देश्य गन्ने के रकबे और उत्पादन दोनों में वृद्धि करना है, ताकि किसानों की आमदनी बढ़ने के साथ चीनी एवं गुड़ उद्योग को भी पर्याप्त कच्चा माल मिल सके।

साथ ही किसानों को भी शासन के विभिन्न विभागों (कृषि, सहकारिता, लघु जल संसाधन, जल संसाधन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पंचायती राज, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग) के अधिकारी किसान कार्यशाला में सम्मिलित होंगे। सरकार किसानों को यह भी भरोसा दे रही है कि गेहूं-धान जैसे फसलों की तुलना में गन्ने की खेती ज्यादा लाभकारी होगी। अहम यह है कि जिन क्षेत्रों में चीनी मिल अभी संचालित नहीं है वहां गुड़ उत्पादन के अतिरिक्त गन्न बीज तैयार करने के लिए किसानों से सरकार गन्ने की खेती कराएगी।

गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा की अध्यक्षता में इसके लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। अभियान के माध्यम से आठ हजार पंचायत एवं 45 हजार गांवों के किसानों तक सरकार पहुंच सुनिश्चित करेगी। कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को गन्ने की आधुनिक और लाभकारी खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। पहले चरण में राज्य के उन पंचायतों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पहले से गन्ने की खेती होती रही है या जहां इसकी संभावनाएं अधिक हैं। कार्यशालाओं में कृषि वैज्ञानिक, विभागीय अधिकारी और चीनी मिलों के प्रतिनिधि किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र, उन्नत बीज, ड्रिप सिंचाई, जैविक खाद, कीट नियंत्रण तथा कम लागत में अधिक उत्पादन की तकनीकों की जानकारी देंगे।

किसानों को यह भी बताया जाएगा कि परंपरागत खेती की तुलना में गन्ना नकदी फसल के रूप में किस प्रकार अधिक लाभकारी साबित हो सकता है। सरकार का मानना है कि कई क्षेत्रों में किसानों ने लागत बढ़ने और समय पर तकनीकी जानकारी नहीं मिलने के कारण गन्ने की खेती से दूरी बना ली थी। ऐसे में पंचायत स्तर पर सीधे संवाद और प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों का भरोसा फिर से मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।

विभागीय स्तर पर यह भी तैयारी है कि कार्यशालाओं के दौरान किसानों को सरकारी योजनाओं, अनुदान और बीज उपलब्धता की जानकारी एक ही मंच पर दी जाए। सूत्रों के मुताबिक, आगामी खरीफ सीजन से पहले पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से कार्यशालाएं शुरू होंगी। इसमें प्रगतिशील किसानों के अनुभव भी साझा कराए जाएंगे, ताकि अन्य किसान गन्ने की खेती की ओर आकर्षित हों। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से राज्य में गन्ना उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। नए चीनी मिलों को भरपूर गन्ना उपलब्ध होगा।

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