मॉडल स्कूलों में अब अफसरों की होगी सीधी निगरानी, हर 3 महीने में PTM भी अनिवार्य

पटना बिहार में हर सरकारी मॉडल स्कूल की जिम्मेदारी एक अफसर को सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अफसरों को इसे प्रभावी रूप से लागू करने का निर्देश दिया है। सीएम ने यह भी कहा कि मॉडल स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की उपस्थिति से लेकर पढ़ाई की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा की जाए। जिस अफसर के पास जिस मॉडल स्कूल की जिम्मेदारी होगी, उनका वह नियमित निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पटना स्थित अपने लोक सेवक आवास में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों को कई निर्देश दिए। सीएम ने

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Published On :

अगस्त 21, 2026

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पटना
बिहार में हर सरकारी मॉडल स्कूल की जिम्मेदारी एक अफसर को सौंपी जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अफसरों को इसे प्रभावी रूप से लागू करने का निर्देश दिया है। सीएम ने यह भी कहा कि मॉडल स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता, विद्यार्थियों की उपस्थिति से लेकर पढ़ाई की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा की जाए। जिस अफसर के पास जिस मॉडल स्कूल की जिम्मेदारी होगी, उनका वह नियमित निरीक्षण करेंगे।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पटना स्थित अपने लोक सेवक आवास में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों को कई निर्देश दिए। सीएम ने सरकारी विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और बेहतर शैक्षणिक परिणामों के माध्यम से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने को कहा है।

मॉडल स्कूल खास बनेंगे
सम्राट ने स्पष्ट किया कि मॉडल स्कूलों का बेहतर एवं प्रभावी संचालन हो, यहां की व्यवस्था विशिष्ट हो और यह अपने आप में अलग दिखे, यह सुनिश्चित करें। विद्यालयों का औचक निरीक्षण सुनिश्चित करें। विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों एवं प्रति दिन के कार्यों की रिपोर्टिंग मुख्यालय एवं जिला स्तर पर सुनिश्चित की जाए।

हर तीन महीने में होगी पैरेंट्स टीचर मीटिंग
मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूलों में हर 3 महीने में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने मॉडल स्कूलों के पूर्व विद्यार्थियों के साथ संवाद बढ़ाने पर भी जोर दिया। पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों और अनुभवों का लाभ वर्तमान विद्यार्थियों को मिल सके, इसके लिए उनके साथ नियमित बैठक एवं मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा गया।

जेईई और नीट की तैयारी के लिए संसाधन उपलब्ध कराएं
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए गुणवत्तापूर्ण तैयारी का अवसर मिलना चाहिए। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ई-लर्निंग एवं 24X7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म को प्रभावी बनाएं। डिजिटल माध्यमों का अधिकतम उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन तथा आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराएं।

बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन ने मॉडल स्कूलों में की गई शैक्षणिक व्यवस्था और सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी। वहीं, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ त्यागराजन एसएम ने ई-लर्निंग एवं सातों दिन 24 घंटे इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार भी उपस्थित रहे।

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