MLC Election 2026: रिसॉर्ट पॉलिटिक्स की वापसी, कर्नाटक में MLC चुनाव से पहले सख्ती

MLC Election 2026: कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर “रिसॉर्ट पॉलिटिक्स” की वापसी देखने को मिल रही है। राज्य में 18 जून 2026 को होने वाले विधान परिषद (MLC) चुनावों से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अपने विधायकों को एक सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला किया है। पार्टी का उद्देश्य क्रॉस-वोटिंग की आशंका को रोकना और अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखना है। रायपुर, महासमुंद, राजनांदगांव, कोरबा और जगदलपुर में आधुनिक अधोसंरचना विकसित करने की तैयारी विधायकों को रिसॉर्ट में रखने का फैसला कांग्रेस विधायक दल (CLP) की मंगलवार को हुई अहम बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया

कर्नाटक में MLC चुनाव से पहले सख्ती

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 16, 2026

MLC Election 2026: कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर “रिसॉर्ट पॉलिटिक्स” की वापसी देखने को मिल रही है। राज्य में 18 जून 2026 को होने वाले विधान परिषद (MLC) चुनावों से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अपने विधायकों को एक सुरक्षित स्थान पर रखने का फैसला किया है। पार्टी का उद्देश्य क्रॉस-वोटिंग की आशंका को रोकना और अपने विधायकों को एकजुट बनाए रखना है।

रायपुर, महासमुंद, राजनांदगांव, कोरबा और जगदलपुर में आधुनिक अधोसंरचना विकसित करने की तैयारी

विधायकों को रिसॉर्ट में रखने का फैसला

कांग्रेस विधायक दल (CLP) की मंगलवार को हुई अहम बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि सभी विधायकों को बेंगलुरु के पास स्थित एक रिसॉर्ट में ठहराया जाएगा। यह रिसॉर्ट वंडरला एम्यूजमेंट पार्क के नजदीक है, जो शहर से लगभग 28 किलोमीटर दूर स्थित है। पार्टी ने तय किया है कि सभी विधायक 16 जून से मतदान के दिन 18 जून तक वहीं रहेंगे और मतदान के लिए उन्हें सीधे विधानसभा ले जाया जाएगा। इस कदम को पार्टी ने “सुरक्षा और रणनीति” का हिस्सा बताया है।

क्रॉस-वोटिंग की आशंका बनी चिंता का कारण

कांग्रेस का यह फैसला मुख्य रूप से क्रॉस-वोटिंग की संभावनाओं को देखते हुए लिया गया है। राजनीतिक गलियारों में यह आशंका जताई जा रही है कि विपक्षी दल कुछ विधायकों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर सकते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए कांग्रेस ने अपने विधायकों को पार्टी लाइन पर बनाए रखने के लिए यह रणनीति अपनाई है। माना जा रहा है कि इस बार चुनाव में मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है।

सात सीटों के लिए कड़ा मुकाबला

कर्नाटक विधान परिषद की सात सीटों के लिए इस बार कुल आठ उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और भी रोचक हो गया है। कांग्रेस ने बीके हरिप्रसाद, टिप्पन्नप्पा कामकनूर, पीवी मोहन, बीएस शिवन्ना और विनय कार्तिक प्रकाश को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, जनता दल (सेक्युलर) ने गोविंदराजू को मैदान में उतारा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से लिंगराज पाटिल और रघु आर. चुनाव लड़ रहे हैं।

बहुमत का गणित और सीटों का समीकरण

वर्तमान में कर्नाटक विधानसभा में कुल 222 सदस्य हैं, जबकि दो सीटें रिक्त हैं। चुनाव जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 28 वोटों की आवश्यकता होगी। संख्या बल के आधार पर कांग्रेस चार सीटें जीतने की मजबूत स्थिति में नजर आ रही है, जबकि बीजेपी को दो सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सातवीं सीट पर मुकाबला बेहद रोमांचक और निर्णायक बन गया है।

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अंतिम सीट पर सियासी टकराव

सातवीं सीट पर कांग्रेस के विनय कार्तिक प्रकाश और जेडी(एस) के गोविंदराजू के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। यही सीट पूरे चुनाव का सबसे अहम और निर्णायक हिस्सा बन गई है। इसी सीट के परिणाम को देखते हुए राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है, और सभी दल अंतिम रणनीति बनाने में जुट गए हैं।