गलती बनाम पाप: प्रेमानंद महाराज ने समझाया आध्यात्मिक अंतर, बताया प्रायश्चित कैसे करें

मथुरा वृंदावन के पूज्यनीय और जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज हमेशा ऐसी बातें कहते हैं जिसे सुनकर मन खुश हो जाए। तमाम लोग एकांतित वार्तालाप के दौरान उनसे मिलते हैं और अपने सवाल उनसे पूछते हैं। एक-एक करके वो सभी के सारे सवालों के जवाब देते हैं। हाल ही में हुए एकांतित वार्तालाप के दौरान एक महिला श्रद्धालु ने उनसे बड़ा ही दिलचस्प सवाल पूछा जोकि हर किसी के मन में जरूर चलता होगा। महिला ने उनसे पूछा कि गलती और पाप में क्या अंतर है और इसका प्रायश्चिक कैसे करना चाहिए? इस पर प्रेमानंद महाराज ने बड़ा ही प्यारा जवाब

Wrriten By :

Editor

Published On :

जनवरी 8, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

मथुरा
वृंदावन के पूज्यनीय और जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज हमेशा ऐसी बातें कहते हैं जिसे सुनकर मन खुश हो जाए। तमाम लोग एकांतित वार्तालाप के दौरान उनसे मिलते हैं और अपने सवाल उनसे पूछते हैं। एक-एक करके वो सभी के सारे सवालों के जवाब देते हैं। हाल ही में हुए एकांतित वार्तालाप के दौरान एक महिला श्रद्धालु ने उनसे बड़ा ही दिलचस्प सवाल पूछा जोकि हर किसी के मन में जरूर चलता होगा। महिला ने उनसे पूछा कि गलती और पाप में क्या अंतर है और इसका प्रायश्चिक कैसे करना चाहिए? इस पर प्रेमानंद महाराज ने बड़ा ही प्यारा जवाब दिया है। नीचे विस्तार से जानें कि इस सवाल के जवाब में वो क्या बोलें?
 
पाप और गलती में अंतर
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जैसे अचानक कोई घटना घट जाती है या हमारा कोई संकल्प नहीं था। हमारी कोई चाहत नहीं थी और हमसे गलती हो गई। लेकिन संकप्ल करके पाप करना। चाहत करके पाप करना, गलत आचरण करना। वो पाप कहलाता है। जैसे किसी चीज की चोरी करना। किसी की बहन-बेटी को लेकर गंदी बात या फिर किसी परपुरुष को लेकर गंदी बात यानी जो हम पहले संकल्प करते हैं, मनन करते हैं और फिर वो क्रिया करते हैं वो गलत है वो पाप हो गया। वहीं अगर अचानक हमसे गलती हो गई तो वो गलती है। अचानक में हुआ हमारा कोई संकल्प नहीं था। हमारी कोई चेष्ठा नहीं थी। आपको टक्कर लग गई। वो गलती है लेकिन जो सोचकर किया जाता है वो पाप है।

ऐसे करें प्रायश्चित
गलती और पाप दोनों का प्रायश्चित होता है। पहली बात की दोबारा हम नहीं करेंगे और फिर भगवान का नाम जप करें। भगवान के नाम कीर्तन करें। सब तरह के पापों का नाश भगवान के नाम कीर्तन से भगवान के नाम जप से हो जाता है। तो खूब नाम कीर्तन करो। नाम जप करो। संकल्प लो कि गलती अब ना हो। आगे से पाप ना हो।

 

Leave a Comment

2