मीर यार बलूच ने जयशंकर को चेतावनी दी, ‘बलूचिस्तान में चीन की सेना की घुसपैठ हो सकती है’

नई दिल्ली बलूचिस्तान के एक नेता ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक खुला पत्र लिखा है. इस चिट्ठी में बलूच नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि चीन आने वाले महीनों में बलूचिस्तान में सैन्य बल तैनात कर सकता है, जिससे न केवल इस क्षेत्र में बल्कि भारत के लिए भी एक गंभीर खतरा पैदा होगा.  मीर यार बलूच ने जयशंकर को संबोधित करते हुए एक जनवरी 2026 को लिखे इस पत्र में खुद को बलूचिस्तान का प्रतिनिधि बताते हुए आगाह किया कि अगर बलूचिस्तान की रक्षा और स्वतंत्रता सेनाओं को लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा, तो

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Published On :

जनवरी 2, 2026

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नई दिल्ली

बलूचिस्तान के एक नेता ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक खुला पत्र लिखा है. इस चिट्ठी में बलूच नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि चीन आने वाले महीनों में बलूचिस्तान में सैन्य बल तैनात कर सकता है, जिससे न केवल इस क्षेत्र में बल्कि भारत के लिए भी एक गंभीर खतरा पैदा होगा. 

मीर यार बलूच ने जयशंकर को संबोधित करते हुए एक जनवरी 2026 को लिखे इस पत्र में खुद को बलूचिस्तान का प्रतिनिधि बताते हुए आगाह किया कि अगर बलूचिस्तान की रक्षा और स्वतंत्रता सेनाओं को लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा, तो चीन वहां अपने सैनिक तैनात कर सकता है. उन्होंने ऐसे किसी भी कदम को भारत और बलूचिस्तान दोनों के भविष्य के लिए खतरा बताया.

पत्र में कहा गया कि अगर बलूचिस्तान की रक्षा और स्वतंत्रता सेनाओं की क्षमताओं को और मजबूत नहीं किया गया और उन्हें पुराने तौर-तरीकों के अनुसार अनदेखा किया जाता रहा, तो यह पूरी तरह संभव है कि चीन आने वाले कुछ महीनों में बलूचिस्तान में अपनी सैन्य टुकड़ियां तैनात कर दे.

उन्होंने कहा कि छह करोड़ बलूच लोगों की इच्छा के बिना बलूचिस्तान की धरती पर चीनी सैनिकों की मौजूदगी भारत और बलूचिस्तान—दोनों के भविष्य के लिए एक अकल्पनीय खतरा और चुनौती होगी.

उन्होंने  चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि पाकिस्तान और चीन के बीच रणनीतिक गठजोड़ अब CPEC के उस चरण में पहुंच चुका है, जिसे उन्होंने इसका अंतिम चरण बताया. उनके अनुसार, इससे हालात और अधिक खतरनाक हो गए हैं. उन्होंने भारत और बलूचिस्तान के बीच ठोस और पारस्परिक सहयोग की मांग करते हुए कहा कि दोनों को जिन खतरों का सामना करना पड़ रहा है, वे वास्तविक और तत्काल हैं.

मीर यार बलूच ने भारत और बलूचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी जिक्र किया. उन्होंने हिंगलाज माता मंदिर जैसे पवित्र स्थलों का हवाला देते हुए इन्हें साझा विरासत का प्रतीक बताया.

इस चिट्ठी में उन्होंने मोदी सरकार द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई कार्रवाइयों की सराहना भी की. उन्होंने कहा कि इस अभियान में किस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के ठिकानों को निशाना बनाया गया और यह पहलगाम आतंकी हमले के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा और न्याय के प्रति असाधारण साहस और दृढ़ प्रतिबद्धता का उदाहरण है. आखिरी में मीर यार बलूच ने हमारे दो महान राष्ट्रों के बीच और अधिक मजबूत सहयोग की उम्मीद जताई.

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