UP SIR Final Voter List: विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के पूरा होने के बाद देश के 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की अंतिम मतदाता सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इन सभी क्षेत्रों की संयुक्त मतदाता सूची में लगभग 6.08 करोड़ मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है।
यह प्रक्रिया कई महीनों से चल रही थी और अब उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के साथ इसका दूसरा चरण भी पूरा हो गया है। इस चरण में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा शामिल थे।
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शुरुआत में 51 करोड़ मतदाता
निर्वाचन आयोग और संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 51 करोड़ थी।
लेकिन अंतिम सूची जारी होने के बाद यह संख्या घटकर करीब 44.92 करोड़ रह गई है। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 6.08 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। हालांकि बिहार में यह प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी, जबकि अब दूसरे चरण का कार्य भी समाप्त हो गया है।
देशभर में कुल लगभग 99 करोड़ मतदाताओं में से करीब 60 करोड़ इस अभियान में शामिल किए जा चुके हैं, जबकि बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया आगे चलकर पूरी की जाएगी।
यूपी और गुजरात में सबसे ज्यादा नाम हटे
आंकड़ों के अनुसार, मतदाता सूची में कमी के मामले में गुजरात और उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहे हैं। प्रतिशत के आधार पर गुजरात में 13.40 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा 13.24 प्रतिशत रहा।
अन्य राज्यों में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ में 11.77 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 11.61 प्रतिशत, तमिलनाडु में 11.55 प्रतिशत, गोवा में 10.76 प्रतिशत और पुडुचेरी में 7.57 प्रतिशत मतदाता कम हुए हैं।
मध्य प्रदेश में यह गिरावट 5.97 प्रतिशत, बिहार में 5.95 प्रतिशत, राजस्थान में 5.74 प्रतिशत और केरल में 3.22 प्रतिशत दर्ज की गई है।
यूपी में जिलेवार आंकड़े
उत्तर प्रदेश में कई जिलों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। लखनऊ में सबसे अधिक 9,14,185 नाम हटाए गए हैं। इसके अलावा प्रयागराज में 8,26,885, कानपुर में 6,87,201, आगरा में 6,37,653 और गाजियाबाद में 5,74,478 नाम सूची से बाहर किए गए हैं।
विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो साहिबाबाद में 3,16,484 नाम हटे, नोएडा में 1,83,887, लखनऊ उत्तर में 1,54,710, आगरा कैंट में 1,47,182 और इलाहाबाद उत्तर में 1,45,810 मतदाता सूची से बाहर हुए हैं।
पश्चिम बंगाल में भी बड़ी संख्या में नाम हटे
पश्चिम बंगाल में भी SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 91 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया नवंबर से जारी थी और धीरे-धीरे इसमें संशोधन किया गया।
शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी तक लगभग 63.66 लाख नाम हटाए जा चुके थे, जिससे मतदाताओं की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई थी। बाद में जांच और अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह संख्या बढ़कर लगभग 90.83 लाख तक पहुंच गई।
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