Middle East Crisis: भारत में गैस सप्लाई पर सरकार का बड़ा बयान, “सप्लाई सामान्य है, अफवाहों और पैनिक बुकिंग से बचें!”

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कतर के गैस प्लांट पर हमले के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि घरेलू गैस और ईंधन की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है और लोग अफवाहों के चलते पैनिक बुकिंग न करें।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 19, 2026

Middle East Crisis:  मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि युद्ध के बावजूद भारत में एलपीजी (LPG) और पीएनजी (PNG) की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि घरेलू गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

पीएनजी कनेक्शन में भारी उछाल: वैकल्पिक ऊर्जा पर जोर

गैस संकट की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस (PNG) के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सफलता हासिल की है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले महज दो हफ्तों में देश भर में 1.25 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि पिछले तीन दिनों में ही लगभग 5,600 एलपीजी ग्राहक पीएनजी की ओर शिफ्ट हुए हैं। सरकार की इस रणनीति का उद्देश्य पाइप के जरिए गैस पहुंचाकर सिलेंडर पर निर्भरता और लॉजिस्टिक्स के दबाव को कम करना है, जो युद्ध जैसी परिस्थितियों में एक सुरक्षित विकल्प साबित हो रहा है।

कमर्शियल एलपीजी और केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन

औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि लगभग 17 राज्य सरकारों ने कमर्शियल एलपीजी के लिए आवंटन आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त, करीब 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने केरोसिन के अतिरिक्त आवंटन के आदेश दिए हैं ताकि समाज के हर वर्ग तक ईंधन की पहुंच बनी रहे। सरकार का मानना है कि घबराहट में की जाने वाली बुकिंग अब कम हो रही है, जो बाजार में स्थिरता का संकेत है।

कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सख्त निर्देश

ईंधन की संभावित कमी की अफवाहों का फायदा उठाकर कुछ तत्व कालाबाजारी की कोशिश कर सकते हैं। इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को सख्त पत्र लिखकर जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। वर्तमान में, 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष ‘कंट्रोल रूम’ स्थापित किए गए हैं। साथ ही, 25 राज्यों में जिला स्तरीय निगरानी समितियां गठित की गई हैं जो वितरण प्रणाली पर पैनी नजर रख रही हैं। किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर कानून के तहत कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

आपूर्ति और मांग का संतुलन: रिकॉर्ड रिफिल बुकिंग

मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से चल रही है। हाल ही में एक दिन की ऑनलाइन बुकिंग का आंकड़ा 56 लाख तक पहुंच गया था, जिसके मुकाबले 55 लाख सिलेंडरों की सफल आपूर्ति की गई। रिफाइनरी प्लांट का संचालन भी पूरी क्षमता के साथ सामान्य रूप से चल रहा है। खुदरा पेट्रोल पंपों पर तेल की कमी की कोई भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि देश का लॉजिस्टिक नेटवर्क युद्ध के प्रभाव से फिलहाल सुरक्षित है।

भविष्य की रणनीति: 100% आपूर्ति की गारंटी

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू कच्चे तेल और परिवहन के लिए सीएनजी (CNG) की आपूर्ति में कोई कटौती नहीं की गई है और यह 100 प्रतिशत सुनिश्चित है। यद्यपि मिडिल ईस्ट की स्थिति चिंताजनक है, लेकिन भारत की रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और विविधीकृत आयात नीति ने फिलहाल किसी भी बड़े संकट को टाल दिया है। सरकार का मुख्य लक्ष्य अब वितरण श्रृंखला को पारदर्शी बनाना और ग्राहकों के बीच आत्मविश्वास पैदा करना है ताकि पैनिक बुकिंग के कारण आपूर्ति व्यवस्था पर अनावश्यक बोझ न पड़े।

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