MGNREGA Protest: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को “MGNREGA बचाओ” प्रदर्शन में ग्रामीण रोजगार योजना के बंद होने को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि लगभग 16.12 करोड़ लोगों की नौकरी चली गई, जिनमें 53 प्रतिशत महिलाएं और 28 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लोग शामिल हैं। सिद्धारमैया ने कहा कि MGNREGA योजना पहले ग्रामीण मजदूरों को 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित करती थी और ग्राम पंचायतों के कार्यों में मदद करती थी। योजना बंद होने से ग्रामीण रोज़गार पर गहरा असर पड़ा है और ग्राम पंचायतों के पास काम की कमी हो गई है।
कुलपति और विरोध प्रदर्शन
कर्नाटक में प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि गांव के मजदूरों के रोज़गार के अधिकार की सुरक्षा के लिए MGNREGA को बचाना अत्यंत जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि मौजूदा फ्रेमवर्क को रोककर असली MGNREGA योजना को फिर से लागू किया जाए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि योजना के तहत मजदूरी की न्यूनतम दर प्रति दिन 400 रुपये तय की जाए। सिद्धारमैया ने चेतावनी दी कि जब तक MGNREGA पूरी तरह बहाल नहीं हो जाता और ग्रामीण मजदूरों के रोज़गार की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, विरोध जारी रहेगा।
देशभर में कांग्रेस का समर्थन

कांग्रेस पार्टी के कई नेता भी MGNREGA को फिर से लागू करने की मांग कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, जम्मू जिले में कांग्रेस नेताओं ने एक्ट के बंद होने के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस के MP डॉ. सैयद नसीर ने आरोप लगाया कि यह सरकार की साजिश है, जो ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि विरोध का उद्देश्य मजदूरों के रोज़गार के अधिकार की रक्षा करना है।
उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने ऐलान किया कि पार्टी वर्कर राज्य की लेजिस्लेटिव असेंबली का घेराव करेंगे। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों से वर्कर रातभर असेंबली कार्यालय में रहे और सभी मुद्दों पर सरकार के खिलाफ विरोध किया।
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नया कानून और आलोचना
इस विरोध की पृष्ठभूमि में संसद ने विंटर सेशन के दौरान “विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट” पास किया, जिसने MGNREGA की जगह ली। हालांकि नया कानून रोजगार के दिनों को 100 से 125 तक बढ़ाता है, लेकिन विपक्ष ने महात्मा गांधी का नाम हटाने और केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 फंडिंग शेयर बदलने की आलोचना की। कांग्रेस इस बदलाव के खिलाफ देशभर में विरोध कर रही है और मांग कर रही है कि सरकार ग्रामीण मजदूरों के रोज़गार के अधिकार की रक्षा करे। अजय राय ने कहा कि यह विरोध इसलिए किया जा रहा है ताकि ग्रामीण मजदूरों की रोज़ी-रोटी सुरक्षित रहे और उनके अधिकारों पर किसी प्रकार का खतरा न आए।









