इंदौर में मेट्रो सेवा 25 जनवरी तक बंद, मार्च में रेडिसन चौराहे तक होगी नई शुरुआत

इंदौर इंदौर और भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। पहले यह जिम्मेदारी तुर्की की कंपनी असीस गार्ड को दी गई थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और पाकिस्तान द्वारा तुर्की ड्रोन के इस्तेमाल के बाद इस ठेके को निरस्त कर दिया गया था। दिल्ली मेट्रो को सौंपी गई जिम्मेदारी अब इंदौर और भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन का जिम्मा Delhi Metro Rail Corporation को सौंपा गया है। फिलहाल यात्री संचालन के दौरान टिकट स्थानीय स्तर पर मैनुअल और कंप्यूटर आधारित प्रणाली से जारी किए जा रहे थे। 11 दिन के लिए

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Published On :

जनवरी 17, 2026

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इंदौर
इंदौर और भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। पहले यह जिम्मेदारी तुर्की की कंपनी असीस गार्ड को दी गई थी, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और पाकिस्तान द्वारा तुर्की ड्रोन के इस्तेमाल के बाद इस ठेके को निरस्त कर दिया गया था।

दिल्ली मेट्रो को सौंपी गई जिम्मेदारी
अब इंदौर और भोपाल मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन का जिम्मा Delhi Metro Rail Corporation को सौंपा गया है। फिलहाल यात्री संचालन के दौरान टिकट स्थानीय स्तर पर मैनुअल और कंप्यूटर आधारित प्रणाली से जारी किए जा रहे थे।

11 दिन के लिए यात्री संचालन बंद रहेगा
एलिवेटेड कॉरिडोर पर शेष तकनीकी कार्य और टेस्टिंग को पूरा करने के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया है। इसके चलते 15 जनवरी से 25 जनवरी तक गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर के बीच 6 किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो का यात्री संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। वर्तमान में इसी हिस्से में सीमित यात्री संचालन हो रहा था।

17 किलोमीटर के कॉरिडोर की तैयारी तेज
अधिकारियों के अनुसार पूरे 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर को फरवरी-मार्च तक व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार किया जाना है। इस दौरान गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक के 16 स्टेशनों पर सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन और अन्य तकनीकी कार्य पूरे किए जाएंगे। इसके बाद परीक्षण और कमिशनिंग की प्रक्रिया होगी।

अंडरग्राउंड रूट पर अब भी फैसला बाकी
Madhya Pradesh Metro Rail Corporation अभी तक इंदौर के अंडरग्राउंड रूट को लेकर अंतिम निर्णय नहीं ले सकी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार खजराना चौराहे से मेट्रो को अंडरग्राउंड किया जाना है, लेकिन इसके लिए कैबिनेट मंजूरी, सर्वे और पहले से स्वीकृत एलिवेटेड टेंडरों को निरस्त करने जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।

एलिवेटेड कॉरिडोर पर फोकस
अंडरग्राउंड रूट पर निर्णय लंबित रहने के बीच एयरपोर्ट, रीगल चौराहा सहित अन्य स्थानों पर स्टेशनों के लिए खुदाई का काम जारी है। वहीं 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर को जल्द से जल्द व्यावसायिक संचालन के लिए तैयार किया जा रहा है। 

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