Meta Case: बच्चों पर गलत प्रभाव और खतरों को छिपाना पड़ा महंगा, मेटा पर लगा भारी जुर्माना

अमेरिका के न्यू मेक्सिको की एक जूरी ने सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) को बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुँचाने और खतरों को जानबूझकर छिपाने का दोषी पाया है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 25, 2026

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Meta Case: सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta), जो फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म का संचालन करती है, एक बड़ी कानूनी मुसीबत में फंस गई है। अमेरिका के न्यू मेक्सिको की एक जूरी ने बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करने के मामले में मेटा को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने कंपनी पर लगभग 375 मिलियन डॉलर (करीब 3,000 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। यह फैसला सात हफ्ते तक चली लंबी सुनवाई के बाद आया है, जिसे टेक जगत में एक ‘ऐतिहासिक निर्णय’ माना जा रहा है।

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क्या है पूरा मामला?

अदालत में चली सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की सुरक्षा के बजाय मुनाफे को अधिक प्राथमिकता दी। जूरी ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि मेटा को इस बात की पूरी जानकारी थी कि उसके प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए असुरक्षित हो सकते हैं, लेकिन कंपनी ने इन जोखिमों को जानबूझकर छिपाया। कंपनी ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े खतरों और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को लेकर कोर्ट और जनता को गलत जानकारी दी। चीफ जज ब्रायन बिडशाइड ने कहा कि मेटा ने बच्चों की मानसिक स्थिति और उनकी कमजोरियों का फायदा उठाकर अनुचित व्यापारिक नीतियां अपनाईं।

37,500 मामलों में दोषी

अदालत ने मेटा की लापरवाही को केवल एक घटना नहीं, बल्कि हजारों उल्लंघनों का सिलसिला माना। जूरी ने कुल 37,500 अलग-अलग मामलों में मेटा को दोषी पाया। प्रत्येक उल्लंघन के लिए 5,000 डॉलर का जुर्माना तय किया गया। इस गणना के आधार पर कुल पेनाल्टी 375 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 3,000 करोड़ रुपये है।

वैश्विक स्तर पर सोशल मीडिया के खिलाफ सख्त रुख

मेटा के खिलाफ आया यह फैसला दुनिया भर की टेक कंपनियों के लिए एक कड़ा संदेश है। बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए कई देश पहले ही सख्त कदम उठा रहे हैं:

ऑस्ट्रेलिया: यहां 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।

जर्मनी: छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जर्मनी ने भी कड़े नियम लागू किए हैं।

अगली चुनौती: कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में भी मेटा और यूट्यूब के खिलाफ इसी तरह का एक बड़ा मामला चल रहा है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

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