Melbourne Shocker: ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर से एक बेहद निंदाजनक और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के रोविल इलाके में स्थित ‘ऑस्ट्रेलिया इंडिया कम्युनिटी सेंटर’ में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की भव्य कांस्य प्रतिमा को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया है। चोरों ने न केवल प्रतिमा की चोरी की, बल्कि उसे बड़ी बेरहमी से ग्राइंडर मशीन का उपयोग करके आधार से अलग कर दिया। इस घटना ने न केवल ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने भी इस पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। भारत ने इस मामले को ऑस्ट्रेलियाई सरकार के समक्ष उच्च स्तर पर उठाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वारदात का विवरण: 426 किलो की कांस्य प्रतिमा के टुकड़े किए
पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, यह चोरी किसी पेशेवर गिरोह का काम लगती है। महात्मा गांधी की यह ऐतिहासिक प्रतिमा पूरी तरह से कांस्य (Bronze) से बनी थी और इसका वजन लगभग 426 किलोग्राम था। चोरों ने आधी रात के सन्नाटे में एक ‘एंगल ग्राइंडर’ मशीन का उपयोग किया और प्रतिमा को उसके आधार से काटकर टुकड़ों में बांट दिया। घटनास्थल पर प्रतिमा के केवल पैरों के पंजे ही शेष बचे मिले हैं, जो यह दर्शाता है कि चोरों ने इस भारी-भरकम ढांचे को ले जाने के लिए पहले से ही पूरी योजना तैयार की थी।
भारत सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया और राजनयिक हस्तक्षेप
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घटना की आधिकारिक रूप से तीव्र निंदा की है। उन्होंने इसे शांति और अहिंसा के वैश्विक प्रतीक का अपमान करार दिया। भारत सरकार ने ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सख्त सजा देने का आग्रह किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रतिमा केवल एक धातु की संरचना नहीं थी, बल्कि यह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच साझा मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत और प्रगाढ़ मित्रता का एक जीवंत प्रतीक थी।
ऐतिहासिक महत्व: तत्कालीन पीएम स्कॉट मॉरिसन ने किया था उद्घाटन
इस प्रतिमा का ऐतिहासिक महत्व भी बहुत अधिक है। 426 किलोग्राम की इस कांस्य प्रतिमा का उद्घाटन साल 2021 में ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन द्वारा किया गया था। यह प्रतिमा इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस (ICCR) द्वारा ऑस्ट्रेलियाई भारतीय समुदाय को एक विशेष उपहार के रूप में दी गई थी। इस चोरी ने न केवल भारतीय प्रवासियों की भावनाओं को गहरी चोट पहुँचाई है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक स्मारकों की सुरक्षा और उनकी पवित्रता बनाए रखने पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
पुलिस जांच और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई
स्थानीय मेलबर्न पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीन संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश की जा रही है, जो वारदात के समय आसपास देखे गए थे। पुलिस ने शहर के सभी स्क्रैप डीलरों और धातु व्यापारियों को हाई अलर्ट पर रखा है, ताकि चोरी किए गए कांस्य को बेचा न जा सके। हालांकि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने का पूरा भरोसा दिया है। मेलबर्न के भारतीय समुदाय ने सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने और महापुरुषों की प्रतिमाओं की रक्षा के लिए कड़े कानून बनाने की मांग की है।
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