Mehbooba Mufti News: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) गुरुवार, 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak Scandal) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में जा पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और देश के मौजूदा हालातों को लेकर केंद्र की एनडीए सरकार पर बेहद आक्रामक और तीखा हमला बोला।
पीडीपी प्रमुख ने दोटूक शब्दों में कहा कि जिस तरह से इन लोगों ने प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करके जम्मू-कश्मीर को एक खुली जेल में तब्दील कर दिया है, ठीक उसी तानाशाही मॉडल के तहत वे पूरे मुल्क को एक खुली जेल बनाने की साजिश रच रहे हैं। सरकार आज इतनी ज्यादा अहंकारी हो चुकी है कि उसे युवाओं का दर्द दिखाई नहीं दे रहा है।
देश के हालातों पर चिंता और तीखे तंज
बताते चले कि, महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि साल 1947 की आजादी के बाद से लेकर आज तक के इतिहास में देश का यह सबसे बड़ा और गंभीर इम्तहान चल रहा है, और इस मुश्किल दौर में देश के होनहार नौजवान अपनी आवाज बुलंद करने के लिए मैदान में उतर आए हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पिछले 12 सालों से हम लगातार देख रहे हैं कि कभी देश को धर्म और जातियों के नाम पर बांटा जा रहा है, तो कभी भ्रष्टाचार, कभी चंदा चोरी, कभी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और कभी महिलाओं के खिलाफ हो रहे जघन्य अपराध सामने आ रहे हैं। उन्होंने बेहद दर्द भरे लहजे में कहा कि आज हमारे इस देश में सुरक्षित बच्चियों से कहीं ज्यादा सुरक्षित तो गायें और मवेशी हो गए हैं, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करते हैं।
युवाओं और संविधान की रक्षा का आह्वान
पीडीपी प्रमुख ने जंतर-मंतर पर भीषण धूप और गर्मी के बीच डटे हुए छात्र-छात्राओं के जज्बे की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि दूसरी तरफ हमारी न्यायपालिका (Judiciary System) यह कहती है कि उनके पास इस गंभीर विषय पर सुनवाई के लिए समय नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज देश का युवा इन जुल्मों और अत्याचारों के खिलाफ खुलकर खड़ा नहीं हुआ, तो आने वाले समय में हमारे देश के हालात साल 1947 के विभाजन से पहले के दौर से भी ज्यादा बदतर हो जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि देश में अगर कोई वास्तविक बदलाव ला सकता है, तो वह केवल और केवल यही देश का युवा वर्ग है, और यदि इस देश के संविधान को कोई बचा सकता है तो वे भी यही युवा हैं।
सरकार के घमंड पर प्रहार और चेतावनी
अपने संबोधन के अंत में महबूबा मुफ्ती ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हम कदापि नहीं चाहते कि हमारे अपने देश के भीतर वो भयावह हालात पैदा हों जो हमारे आस-पास के पड़ोसी देशों में देखने को मिले हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के घमंड पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक दागी मंत्री को पद से ड्रॉप (Resignation of Minister) नहीं कर पा रहे हैं, सरकार के भीतर गजब का अहंकार भरा पड़ा है। इतने सारे मासूम बच्चे भूखे-प्यासे, चिलचिलाती धूप में जंतर-मंतर पर इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने अंत में कहा कि सत्ता का यह घमंड ज्यादा लंबे समय तक टिकने वाला नहीं है, और युवाओं की इस शक्ति के आगे यह अहंकार बहुत जल्द पूरी तरह से चूर-चूर हो जाएगा।










