Meghalaya Blast: मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। एक व्यक्ति घायल हुआ है और उसे इलाज के लिए शिलांग भेजा गया है। यह खदान मिसिंगेट-थांग्स्को इलाके में स्थित है, जो पहाड़ी और दूरदराज का क्षेत्र माना जाता है।
घटना की जानकारी और राहत कार्य
स्थानीय अधिकारियों और पुलिस के अनुसार, विस्फोट के तुरंत बाद राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और दमकल की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। विस्फोट में खदान का एक हिस्सा धंस गया, जिससे और खनिकों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि अभी चार शव बरामद हुए हैं, जबकि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
अवैध खनन की समस्या

पूर्वी जयंतिया हिल्स में अवैध कोयला खनन एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। इसी इलाके में दिसंबर 2025 में भी डायनामाइट विस्फोट हुआ था, जिसमें दो खनिकों की मौत हुई थी। तब भी अवैध खनन और सुरक्षा मानकों की कमी पर सवाल उठे थे। इस तरह की घटनाएँ स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार के लिए गंभीर चेतावनी हैं।
पीएम मोदी का बयान और मुआवजा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए दो-दो लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये मुआवजे की घोषणा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि पीएम मोदी मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी सहानुभूति जता रहे हैं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहे हैं।
स्थानीय और कानूनी पहल
इससे पहले मीडिया रिपोर्टों और हाईकोर्ट की जांच के बाद मेघालय सरकार ने अवैध कोयला खनन की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी बढ़ाई थी। मेघालय हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त जज बी.पी. काटेकी समिति को राज्य में अवैध खनन और परिवहन की जांच के लिए निर्देशित किया था। इसके अलावा, राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी इस घटना का संज्ञान लिया और विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
आस-पास के अन्य खदान हादसे
हाल ही में 14 जनवरी को असम के होजाई जिले में भी एक अवैध कोयला खदान में हादसा हुआ था, जिसमें मौसाद अली (48 वर्ष) की मौत हुई थी। इस घटना की भी जस्टिस काटेकी समिति द्वारा जांच की जा रही है। इससे यह स्पष्ट होता है कि उत्तर-पूर्व भारत में अवैध कोयला खनन के कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी लगातार गंभीर परिणाम ला रही है।
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