महा-भर्ती का ऐलान: 17 हजार नौकरियां, बढ़ी सैलरी

पटना बिहार सरकार ने राज्य की आंतरिक सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (SAP) के कुनबे में ऐतिहासिक विस्तार करने का निर्णय लिया है। राज्य कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद, अब सैप जवानों की संख्या में 10 गुना तक की वृद्धि की जाएगी। वर्तमान में तैनात 1,717 जवानों की संख्या को बढ़ाकर अब 17,000 करने की स्वीकृति दी गई है। सेवानिवृत्त सैनिकों के साथ अर्धसैनिक बलों को भी मौका इस बार बहाली की शर्तों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक सैप में केवल भारतीय सेना के सेवानिवृत्त जवानों को

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Published On :

फ़रवरी 10, 2026

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पटना

बिहार सरकार ने राज्य की आंतरिक सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (SAP) के कुनबे में ऐतिहासिक विस्तार करने का निर्णय लिया है। राज्य कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद, अब सैप जवानों की संख्या में 10 गुना तक की वृद्धि की जाएगी। वर्तमान में तैनात 1,717 जवानों की संख्या को बढ़ाकर अब 17,000 करने की स्वीकृति दी गई है।

सेवानिवृत्त सैनिकों के साथ अर्धसैनिक बलों को भी मौका

इस बार बहाली की शर्तों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक सैप में केवल भारतीय सेना के सेवानिवृत्त जवानों को ही अनुबंध पर रखा जाता था, लेकिन अब सेवानिवृत्त अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी इसमें शामिल होने का अवसर मिलेगा। विभाग के अनुसार, नए रंगरूटों के प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ड्यूटी में आ रही कमी को पूरा करने के लिए यह फैसला लिया गया है।

पदों का विवरण और संरचना

वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान होने वाली इस बहाली में पदों का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार है:
पद का नाम                            प्रस्तावित संख्या
जेसीओ (JCO)                         150
सैप जवान (SAP Jawans)          16,300
रसोइया (Cook)                         550
कुल पद                                   17,000

मानदेय में वृद्धि: अब मिलेगा बेहतर वेतन

सरकार ने न केवल पदों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि जवानों के मानदेय  में भी आकर्षक वृद्धि की है। संशोधित दरों के अनुसार मासिक भुगतान निम्नवत होगा:

JCO: ₹35,000 प्रति माह

सैप जवान: ₹30,000 प्रति माह

रसोइया: ₹25,000 प्रति माह

विभागीय पक्ष: अधिकारियों का मानना है कि नवनियुक्त सिपाहियों के प्रशिक्षण अवधि में होने के कारण फील्ड में 'एक्टिव वर्कफोर्स' की कमी महसूस की जा रही थी। 17 हजार अनुभवी पूर्व सैनिकों की तैनाती से राज्य की पुलिसिंग और विशेष अभियानों को नई धार मिलेगी।

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