महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बन रहा मेगा ब्रिज, उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी होगी आसान

 पटना उत्तर और दक्षिण बिहार की लाइफलाइन कहे जाने वाले महात्मा गांधी सेतु के समानांतर गंगा नदी पर बन रहे नये फोर लेन पुल का निर्माण करीब 73 प्रतिशत पूरा हो चुका है. पटना, सारण और वैशाली जिलों को आपस में जोड़ने वाली इस 14.500 किमी लंबी परियोजना की अनुमानित लागत 2574.20 करोड़ से अब 2926.42 हो चुकी है. इस पुल से होकर 2027 तक आवागमन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है. 2021 में ही शुरू हुआ था काम इस पुल का निर्माण एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड कर रही है. काम की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए

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Published On :

जून 11, 2026

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 पटना
उत्तर और दक्षिण बिहार की लाइफलाइन कहे जाने वाले महात्मा गांधी सेतु के समानांतर गंगा नदी पर बन रहे नये फोर लेन पुल का निर्माण करीब 73 प्रतिशत पूरा हो चुका है. पटना, सारण और वैशाली जिलों को आपस में जोड़ने वाली इस 14.500 किमी लंबी परियोजना की अनुमानित लागत 2574.20 करोड़ से अब 2926.42 हो चुकी है. इस पुल से होकर 2027 तक आवागमन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.

2021 में ही शुरू हुआ था काम
इस पुल का निर्माण एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड कर रही है. काम की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए अथॉरिटी इंजीनियर मैसर्स दोहवा इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड को जिम्मेदारी दी गई है. इस परियोजना का एग्रीमेंट अमाउंट 1794.37 करोड़ रुपये था. जमीन पर काम की शुरुआत (अपॉइंटेड डेट) 25 मार्च 2021 को हुई थी.

एप्रोच रोड के लिए मिट्टी भराई का काम 77 प्रतिशत पूरा
इस नये पुल के दोनों तरफ एप्रोच रोड के लिए मिट्टी भराई का काम 77 प्रतिशत पूरा हो चुका है. इसके साथ ही आरई पैनल कास्टिंग का 92 प्रतिशत काम हो चुका है. सड़क को मजबूती देने वाले जीएसबी का 61 प्रतिशत, डब्ल्यूएमएम का 50 प्रतिशत और डीबीएम का 48 प्रतिशत काम भी जमीनी स्तर पर पूरा हो गया है.

पुल के बनने से होगा यह फायदा
इस पुल के बनने से गाड़ियों के लिए पटना से हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा और सीवान का सफर बेहद आसान हो जायेगा. साथ ही उत्तर बिहार के गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में बेहतर इलाज के लिए पटना आने और जाने में सहूलियत होगी. हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों और उत्तर बिहार के किसानों की ताजी सब्जियां, फल बिना समय गंवाए पटना की मंडियों तक पहुंच सकेंगे. इससे परिवहन लागत घटेगी और किसानों का मुनाफा बढ़ेगा.

क्या कहते हैं अधिकारी?
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल का कहना है कि एक्स्ट्रा डोज्ड तकनीक से बन रहे इस मुख्य पुल में कुल 33 वेल फाउंडेशन बनने हैं, जिनमें से 31 का काम पूरा हो चुका है. टोटल 33 पीलर में से 16 पियर टेबल का काम पूरी तरह तैयार है और चार पर काम चल रहा है.

उन्होंने यह भी बताया कि तीन पियर टेबल का काम जल्द शुरू होगा. साथ ही पुल के लिए कुल 1868 कंक्रीट सेगमेंट्स की जरूरत है, जिसमें से 1381 की ढलाई हो चुकी है. 953 सेगमेंट्स को पीलर पर सफलतापूर्वक फिट भी कर दिया गया है. इस तरह से जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो सकेंगे.

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