Meet Munna Brampton: कनाडा में गूंजीं गोलियां, सोशल मीडिया पर धमकी! सरेआम दहशत फैला रहा बिश्नोई गैंग का मुन्ना ब्रैम्पटन

कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ लगातार बढ़ रहा है। ब्रैम्पटन और मिसिसॉगा में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की जिम्मेदारी गैंग ने खुद ली है। इस घटना के बाद मुन्ना ब्रैंपटन का नाम सुर्खियों में है, जिसे गैंग का सबसे खतरनाक सदस्य माना जाता है।

Meet Munna Brampton

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 4, 2026

Meet Munna Brampton: कनाडा इन दिनों एक भयानक गैंगवार की आग में झुलस रहा है। वहां के शांत रिहायशी इलाकों और व्यावसायिक केंद्रों में अक्सर गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठती है। हैरान करने वाली बात यह है कि कनाडा की धरती पर खून बहाने वाले इन तमाम सिंडिकेट्स के तार सीधे भारत से जुड़े हुए हैं। जब इन अपराधों की कड़ियां देश की जेलों में बंद खूंखार गैंगस्टर्स से जुड़ती हैं, तो यह महज एक जुर्म नहीं बल्कि एक बेहद खतरनाक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कहानी बन जाती है।

हाल ही में कनाडा में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध की कोई सीमाएं नहीं होतीं। इस खूनी खेल में भारत के सबसे कुख्यात ‘लॉरेंस बिश्नोई गैंग’ का नाम एक बार फिर सबसे ऊपर आया है और इसके साथ ही जिस नए किरदार ने सनसनी मचाई है, वह है— मुन्ना ब्रैम्पटन।

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सोशल मीडिया पर खुला खौफ और ‘ट्रेलर’ की धमकी

मुन्ना ब्रैम्पटन और उसके गैंग के गुर्गों को न तो कनाडाई पुलिस का डर है और न ही अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खौफ। सोशल मीडिया पर खुलेआम वारदातों की जिम्मेदारी लेना, वीडियो डालकर धमकियां देना और संगीन वारदातों को महज एक ‘ट्रेलर’ बताना इनकी खौफनाक रणनीति का हिस्सा बन चुका है। यह गैंग अब केवल पारंपरिक अपराध नहीं कर रहा, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों के दिमाग में खौफ भरने का मनोवैज्ञानिक खेल खेल रहा है।

कनाडा के ब्रैम्पटन और मिसिसॉगा शहरों में हुई हालिया गोलीबारी की घटनाओं की जिम्मेदारी खुद इस गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली है। पोस्ट में खुलेआम पुलिस और विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा गया कि “यह तो सिर्फ ट्रेलर था, अगली बार सीधे घर में घुसकर कत्ल किया जाएगा।”

विरोधियों की मदद करने वालों पर निशाना

इस हिंसक घटनाओं ने कनाडा में रह रहे लाखों शांतिप्रिय भारतीय प्रवासियों और छात्रों की चिंता और असुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया है। ऑटोविला कार सेल्स और ‘मनी रंधावा’ की कोठी पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने साफ कर दिया कि यह सिंडिकेट अपने विरोधियों को चेतावनी देने और बाजार में दहशत फैलाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

गैंग का दावा है कि जिन लोगों को निशाना बनाया गया, वे उनके विरोधी गैंग को हथियार और चोरी की गाड़ियां मुहैया कराने का काम कर रहे थे। अपने दुश्मनों के मददगारों को सबक सिखाने के नाम पर यह गैंग सरेआम गोलियां बरसा रहा है।

लॉरेंस बिश्नोई का मजबूत होता कनाडाई किला

कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क अब एक संगठित कॉरपोरेट की तरह काम कर रहा है। ‘मुन्ना ब्रैम्पटन’ जैसे वफादार मोहरे कनाडा की जमीन पर इस सिंडिकेट को लीड कर रहे हैं और गैंग के विस्तार में जुटे हैं। रंगदारी (Extortion), मर्डर, ड्रग्स और अवैध हथियारों की तस्करी इस इंटरनेशनल सिंडिकेट के मुख्य धंधे बन चुके हैं।

कनाडा का स्थानीय प्रशासन, पुलिस और वहां का राजनीतिक नेतृत्व भी इस भारतीय मूल के गैंगवार पर कई बार गहरी चिंता जता चुका है। अगर वक्त रहते भारत और कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर इस सिंडिकेट की रीढ़ नहीं तोड़ी, तो आने वाले समय में यह ‘हाइब्रिड टेरर’ वैश्विक सुरक्षा के लिए एक नासूर बन सकता है।

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