Meerut Murder Case Update: मेरठ के सौरभ राजपूत की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। मर्चेंट नेवी के पूर्व कर्मचारी सौरभ की नृशंस हत्या इतनी बर्बरता से की गई थी कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने हर किसी को हैरान कर दिया। शव की स्थिति देखकर डॉक्टर भी सन्न रह गए। सौरभ की गर्दन को धड़ से अलग किया गया था, दोनों हाथ कलाइयों से काटे गए थे, और शरीर के अन्य अंग भी अलग-अलग पड़े थे। इसके अलावा, सौरभ के पैरों को पीछे की ओर मोड़ दिया गया था, जो अब कठोर हो चुके थे।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के चौंकाने वाले तथ्य

पोस्टमॉर्टम करने वाली टीम के डॉक्टरों के अनुसार, शव की स्थिति बेहद डरावनी थी। तीन गहरे चाकू के वार सीधे सौरभ के दिल पर किए गए थे, जिससे उसका दिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। डॉक्टरों ने बताया कि उनके पूरे करियर में उन्होंने कभी ऐसा पोस्टमॉर्टम नहीं किया। शव की त्वचा लटकी हुई थी और दांत हिल रहे थे, जो साफ तौर पर दर्शाता था कि शव की सड़न प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी।
हत्या की तारीख और शव की स्थिति

पोस्टमॉर्टम के दौरान यह पता चला कि सौरभ की हत्या दो हफ्ते पहले की गई थी। मृतक के शरीर पर जलाने के प्रयास के भी निशान मिले थे। सौरभ के शव की स्थिति को देखकर डॉक्टर भी दंग रह गए। मेरठ के सीएमओ, डॉक्टर अशोक कटारिया ने बताया कि अपने 30 साल के करियर में उन्होंने कभी इस तरह की क्रूरता को नहीं देखा। मेरठ मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी में हर साल करीब 1500 से 1800 शवों का पोस्टमॉर्टम होता है, लेकिन सौरभ का मामला एकदम अलग था, और यह बेहद खौ़फनाक था।
शरीर के टुकड़े-टुकड़े और गहरे चाकू के वार

पोस्टमॉर्टम टीम ने बताया कि सौरभ की हत्या बेहद जघन्य तरीके से की गई थी। उसकी गर्दन को धड़ से अलग कर दिया गया था और दोनों हाथ कलाइयों से काट दिए गए थे। इसके अलावा, शरीर के अन्य हिस्से भी बिखरे हुए थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि सौरभ के दिल पर किए गए चाकू के वार इतने गहरे थे कि वे अंदर तक चले गए थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि हमलावर ने वार बहुत ताकत से किए थे।
कोई पत्नी इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है?

पोस्टमॉर्टम करने वाली टीम के डॉक्टरों ने बताया कि वे सालों से शवों का पोस्टमॉर्टम कर रहे हैं और आमतौर पर वे इन घटनाओं से भावनात्मक रूप से प्रभावित नहीं होते हैं। लेकिन सौरभ के साथ जिस तरह की क्रूरता की गई थी, वह उन्हें भी अंदर से हिलाकर रख गया। डॉक्टरों ने कहा कि इस हत्या ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि वे घर जाने के बाद भी उस शव के दृश्य से मुक्त नहीं हो पाए। डॉक्टरों के मन में यह सवाल उठता है कि कोई पत्नी इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है?