Meerut News: पिता ने 150 दिनों तक घर में छिपाया बेटी का शव, बदबू मिटाने के लिए छिड़कता था इत्र

उत्तर प्रदेश के मेरठ (तेली मोहल्ला) में एक पिता द्वारा अपनी मृत बेटी के शव के साथ 5 महीने तक रहने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बेटी प्रियंका की मौत के बाद, पिता उदय भानु बिस्वास ने शव का अंतिम संस्कार करने के बजाय उसे कमरे में छिपाए रखा और बदबू छिपाने के लिए परफ्यूम का इस्तेमाल करता रहा।

Meerut News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 11, 2026

Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है जिसे सुनकर रूह कांप जाए। एक पिता अपनी जवान बेटी की मृत्यु के बाद उसके शव को अंतिम संस्कार करने के बजाय पांच महीने तक कमरे में बंद कर उसी के साथ रहता रहा। रिश्तों और संवेदनशीलता की सभी सीमाओं को लांघने वाली यह घटना तब उजागर हुई जब सड़ांध इतनी बढ़ गई कि पड़ोसियों और रिश्तेदारों का वहां रुकना मुहाल हो गया।

बंद कमरा और सड़ी हुई लाश

बताते चले कि, मेरठ के तेली मोहल्ले में एक बंद मकान के भीतर जब पुलिस दाखिल हुई, तो नजारा बेहद विचलित करने वाला था। कमरे के भीतर बिस्तर पर एक युवती का शव पड़ा था जो अब लगभग कंकाल में तब्दील हो चुका था। पांच महीने पुरानी लाश पूरी तरह सड़ चुकी थी और शरीर का मांस हड्डियों से अलग हो रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका की पहचान प्रियंका के रूप में हुई है, जिसके पिता उदय भानु बिस्वास ने इस खौफनाक राज को दुनिया से छिपाए रखा।

परफ्यूम से बदबू छिपाने की नाकाम कोशिश

आपको बता दे कि, इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात पिता की मानसिक स्थिति और उसकी कोशिशें रही हैं। पिता ने लाश की सड़ांध को दबाने के लिए उस पर लगातार परफ्यूम और इत्र का छिड़काव (Odour Masking with Perfume) किया। जब भी कोई पड़ोसी या परिचित प्रियंका के बारे में पूछता, तो उदय भानु बड़ी ही सफाई से झूठ बोल देता कि उसकी बेटी देहरादून में रहकर काम कर रही है। उसने अपने आस-पास के लोगों को शक तक नहीं होने दिया कि वह एक सड़ते हुए शव (Rotting Corpse) के साथ एक ही छत के नीचे रह रहा है।

मौत की वजह और पिता का अजीबोगरीब तर्क

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रियंका की मौत पांच महीने पहले ‘पीलिया’ की वजह से हुई थी। पेशे से शिक्षिका प्रियंका की मृत्यु के बाद पिता ने किसी को सूचना नहीं दी। बताया जा रहा है कि बेटी के प्रति अत्यधिक लगाव या किसी मानसिक विकार के चलते उसने शव को खुद से अलग नहीं होने दिया। उदय भानु कुछ समय के लिए घर को ताला लगाकर देहरादून भी चला गया था और रिश्तेदारों से फोन पर कहता रहा कि बेटी अस्पताल में भर्ती है।

रिश्तेदारों की सतर्कता से खुला राज

उदय भानु के भतीजे और अन्य रिश्तेदारों को 5 दिसंबर के बाद से ही संदेह होने लगा था। लगातार संपर्क टूटने और विरोधाभासी बयानों के बाद रिश्तेदारों ने उसकी तलाश शुरू की। शुक्रवार को जब उदय भानु बेगमबाग में एक चाय की दुकान पर देखा गया, तो परिजनों ने उसे पकड़ लिया। जब वे उसे लेकर उसके घर पहुंचे, तो वहां फैली असहनीय दुर्गंध ने सारा राज खोल दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।