Meenakshi Natarajan Nomination Case: नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का बड़ा दांव, सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगा मामला

मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। चुनाव आयोग द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। खड़गे की अहम बैठक, राष्ट्रपति से मुलाकात और कानूनी लड़ाई ने मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।

Meenakshi Natarajan Nomination Case

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 10, 2026

Meenakshi Natarajan Nomination Case: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने का मामला अब राजनीतिक और कानूनी रूप से नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। निर्वाचन आयोग द्वारा कांग्रेस की याचिका खारिज किए जाने के बाद पार्टी ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। कांग्रेस का आरोप है कि नामांकन रद्द करने की प्रक्रिया कानून के अनुरूप नहीं थी और इसमें गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।

मीनाक्षी नटराजन नामांकन रद्द मामले पर खड़गे की अहम बैठक

मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। बैठक में मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार बैठक में आगे की कानूनी रणनीति और राजनीतिक कदमों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में भी जुटी हुई है।

राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा कांग्रेस विधायक दल

कांग्रेस ने इस मामले को केवल कानूनी लड़ाई तक सीमित नहीं रखा है। पार्टी के मध्य प्रदेश के विधायक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस मामले में उच्च स्तर पर हस्तक्षेप आवश्यक है।

निर्वाचन आयोग पहुंचा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल

बुधवार को कांग्रेस का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली में निर्वाचन आयोग से मिला था। इस प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल और विवेक तन्खा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। नेताओं ने आयोग से आग्रह किया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाए।

आरओ का फैसला कानून के खिलाफ: अभिषेक मनु सिंघवी

कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया गया, उसका चुनावी कानून में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्णय कानून की भावना और स्थापित प्रक्रिया के विपरीत लिया गया है।

‘मीनाक्षी नटराजन पर लंबित नहीं था कोई आपराधिक मामला’

सिंघवी ने स्पष्ट किया कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ ऐसा कोई लंबित आपराधिक मामला नहीं था, जिसका उल्लेख नामांकन पत्र में करना अनिवार्य हो। उनके अनुसार संबंधित मामले में अदालत ने केवल प्रारंभिक नोटिस जारी कर यह पूछा था कि आगे सुनवाई शुरू की जाए या नहीं। ऐसे में उसे आपराधिक मामला मानकर नामांकन रद्द करना पूरी तरह अनुचित है।

सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की कानूनी लड़ाई शुरू

निर्वाचन आयोग से राहत नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है। पार्टी को उम्मीद है कि सर्वोच्च अदालत में उसे न्याय मिलेगा और नामांकन रद्द करने के फैसले की वैधता पर पुनर्विचार होगा। इस कदम के साथ ही मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव से जुड़ा यह विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति और न्यायिक बहस का महत्वपूर्ण विषय बन गया है।