लुधियाना सहित पूरे पंजाब में मेडिकल स्टोर बंद, मरीजों को अस्पतालों का सहारा

लुधियाना. लुधियाना में बुधवार को केमिस्टों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे आम लोगों और मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में दवा दुकानों के शटर गिरे दिखाई दिए और दवाइयां खरीदने पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हुई जिन्हें रोजाना नियमित दवाइयों की आवश्यकता रहती है। कई बुजुर्ग मरीज और उनके परिजन एक मेडिकल स्टोर से दूसरे मेडिकल स्टोर तक भटकते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें काफी दूर तक जाकर

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Published On :

मई 20, 2026

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लुधियाना.

लुधियाना में बुधवार को केमिस्टों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे आम लोगों और मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में दवा दुकानों के शटर गिरे दिखाई दिए और दवाइयां खरीदने पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।

सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हुई जिन्हें रोजाना नियमित दवाइयों की आवश्यकता रहती है। कई बुजुर्ग मरीज और उनके परिजन एक मेडिकल स्टोर से दूसरे मेडिकल स्टोर तक भटकते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें काफी दूर तक जाकर खुली दवा दुकानों की तलाश करनी पड़ी। केमिस्ट संगठनों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और संबंधित विभागों द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। इसी के विरोध में यह हड़ताल की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।

सिविल अस्पताल के अंदर खुली दुकानें
हालांकि राहत की बात यह रही कि सिविल अस्पताल और सीएमसी अस्पताल के भीतर संचालित फार्मेसियां खुली रहीं। वहां मरीजों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती रहीं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों और बाह्य रोगी विभाग में आने वाले लोगों को इससे काफी राहत मिली। अस्पताल प्रशासन की ओर से भी दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने के प्रयास किए गए, ताकि मरीजों को ज्यादा परेशानी न हो।

मोगा में ऑनलाइन दवा नीति के खिलाफ केमिस्टों का हल्लाबोल –
ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट की ओर से घोषित देशव्यापी हड़ताल के दौरान बुधवार को मोगा डिस्टिक केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जिले की करीब 800 होलसेल व रिटेल दवा दुकानें बंद रखी गई। हड़ताल को लेकर जिले भर के केमिस्ट मोगा के सिविल अस्पताल के बाहर एकत्रित हुए इस दौरान सभी ने केंद्र सरकार की गलत पॉलिसी और पंजाब सरकार के नियमों में बदलाव न करने के चलते रोष जताया। इस दौरान सिविल अस्पताल में दवाई लेने वाले आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मोगा डिस्ट्रिक्ट कैमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान राजीव गर्ग ,दीपक कुमार दीपू सचिव नवीन सूद व संजीव कुमार मिन्ना ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से चलाई गई ऑनलाइन स्कीम योजना उनके कारोबार के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है, क्योंकि कोविड़ काल के दौरान केंद्र सरकार ने ऑनलाइन दवाई सप्लाई करने को लेकर प्रस्ताव पारित किया था।

कारोबार बहुत हद तक प्रभावित हो रहा
लेकिन कोविड़ खत्म होने के बाद उस प्रस्ताव को रद नहीं किया गया। जिसके कारण उनका कारोबार बहुत हद तक प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि बड़ी कंपनियां ऑनलाइन माध्यम से दवाइयां 40 प्रतिशत तक कम कीमत पर बेच रही हैं, जिससे स्थानीय मेडिकल स्टोर और दवा सप्लायरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। हड़ताल के दौरान एसोसिएशन के प्रधान राजीव गर्ग ,दीपक कुमार दीपू सचिव नवीन सूद बताया कि ऑनलाइन कंपनियों को ज्यादा कमीशन दिया जाता है। इससे छोटे दुकानदार आर्थिक दबाव में आ गए हैं।

यही नही ड्रग विभाग की गाइडलाइन बहुत सख्त है ऑनलाइन की आड़ में प्रतिबंधित दवाइया सप्लाई की जा रही हैं। लेकिन ऑनलाइन सप्लाई करने वाले कारोबारी पर कोई भी कार्रवाई नहीं होती है। अगर लोकल केमिस्ट कोई प्रतिबंधित दवाई बेचता है तो उसके खिलाफ ड्रग विभाग कार्रवाई कर देता है। इस मौके पर समस्त एग्जीक्यूटिव के सदस्य मौजूद थे।

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