Mission 2026-27: मायावती का ‘ब्लूप्रिंट’ लीक! क्या MP और बिहार में गिरेगी किसी की सरकार?

मिशन 2026-27 के लिए मायावती का बड़ा दांव! लखनऊ में हुई हाई-लेवल बैठक में मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों को मिला नया 'ब्लूप्रिंट'।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 22, 2026

Mission 2026-27: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर अपनी रणनीति तेज कर दी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि पार्टी केवल उपस्थिति दर्ज कराने के लिए नहीं, बल्कि सत्ता हासिल करने के संकल्प के साथ मैदान में उतरेगी। हाल ही में मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ हुई लंबी बैठक में उन्होंने जीत का नया ब्लूप्रिंट साझा किया।

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चुनावी रणनीति और ब्लूप्रिंट

बैठक में ऑल इंडिया स्तर पर हुई पिछली बैठक के निर्देशों की समीक्षा की गई। मायावती ने तीनों राज्यों में पार्टी को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और जनाधार बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पिछली कमियों को दूर करते हुए इस बार पार्टी को मजबूत संगठन और संसाधनों के साथ चुनावी मैदान में उतरना होगा।

‘सत्ता की मास्टर चाबी’ अपने हाथ में लेने का संकल्प

लखनऊ में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मायावती ने कहा कि जातिवादी शोषण और गरीब विरोधी शासन से मुक्ति पाने का एकमात्र रास्ता सत्ता की मास्टर चाबी अपने हाथ में लेना है। उन्होंने पदाधिकारियों को मिशनरी भावना के साथ काम करने का निर्देश दिया और कहा कि केवल संघर्ष नहीं, बल्कि सत्ता हासिल करना ही बहुजन समाज की असली जीत होगी।

भावुक हुईं मायावती

बैठक के दौरान मायावती भावुक भी हुईं। उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी ने जिस मिशन के लिए अपना जीवन समर्पित किया था, उसे पूरा करने के लिए वह पूरी ताकत से जुटी हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब-जब और जहां-जहां बसपा मजबूत हुई है, वहां दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का वास्तविक भला हुआ है।

कार्यकर्ताओं की सराहना और अपील

मायावती ने कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि अम्बेडकरवादी आंदोलन को आगे बढ़ाना ही बहुजन समाज के अधिकारों की रक्षा का रास्ता है। उन्होंने अपील की कि सभी कार्यकर्ता चुनावी सफलता अर्जित करने के लिए पूरी मेहनत करें क्योंकि यही समय की सबसे बड़ी मांग है।

मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ में बसपा का यह नया चुनावी प्लान पार्टी के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका लक्ष्य केवल उपस्थिति दर्ज कराना नहीं, बल्कि सत्ता हासिल करना है। उनके इस संकल्प और रणनीति से आने वाले चुनावों में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना है।

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