UP Politics: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और अपने समधी यानी आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ और को-आर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। बता दें कि अशोक सिद्धार्थ को साल 2025 में भी पार्टी से निकाला गया था, लेकिन छह महीने बाद माफ कर वापस ले लिया गया था। अब एक बार फिर अनुशासनहीनता के चलते उनके खिलाफ यह सख्त एक्शन लिया गया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले बसपा सुप्रीमो के इन फैसलों को संगठन में बड़े फेरबदल और सख्त कार्रवाई के दौर के रूप में देखा जा रहा है।
लंबी पोस्ट लिखकर मायावती ने किया निष्कासन का ऐलान
बताते चले कि, मायावती ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर एक विस्तृत बयान जारी कर बताया कि बसपा के को-आर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल से पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी की जिम्मेदारियां वापस लेकर उन्हें भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से बाहर कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले पार्टी सुप्रीमो द्वारा उठाए गए इन कदमों से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मायावती ने साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर नियमों का पालन करना हर पदाधिकारी के लिए अनिवार्य है।
अशोक सिद्धार्थ पर अनुशासनहीनता के आरोप
मायावती ने ट्वीट में स्पष्ट किया कि पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ को पहले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी टिकटों के बंटवारे में प्रदेश अध्यक्ष के साथ तालमेल न बिठाने और अनुशासनहीनता के कारण हटाया गया था। छह महीने पहले उन्हें इस शर्त पर वापस लिया गया था कि वे भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराएंगे और जनाधार बढ़ाएंगे। इसके बावजूद, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के प्रभारी के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने हाईकमान के दिशा-निर्देशों का लगातार उल्लंघन किया और पुरानी गलतियों को दोहराया।
यूपी चुनाव अभियान को प्रभावित करने की साजिश
बसपा प्रमुख ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अशोक सिद्धार्थ अब उत्तर प्रदेश में पार्टी के आगामी चुनाव अभियान को भीतर से प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। कई बार कड़ी चेतावनी दिए जाने के बावजूद जब उनकी हरकतों में कोई सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करते हुए हमेशा के लिए बाहर कर दिया गया। मायावती ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि अब भविष्य में कभी भी उनकी पार्टी में वापसी नहीं होगी और बहुजन समाज पार्टी के दरवाजे उनके लिए हमेशा के लिए बंद कर दिए गए हैं।
रणधीर बेनीवाल पर गिरी गाज
मायावती ने आगे बताया कि रणधीर सिंह बेनीवाल को पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उनके खिलाफ भी अनुशासनहीनता और पार्टी के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया गया। इस सांगठनिक फेरबदल के तहत राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के दायित्वों के साथ-साथ एक बार फिर पंजाब राज्य का प्रभारी बनाया गया है, जो आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे।










