Mayawati PC: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के 70वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में उस समय हड़कंप मच गया, जब कार्यक्रम के दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। धुआं उठते ही कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
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शॉर्ट सर्किट के कारण प्रेस कॉन्फ्रेंस में मची भगदड़
बताते चले कि, गुरुवार को लखनऊ में जब बसपा प्रमुख मायावती मीडियाकर्मियों को संबोधित कर रही थी, तभी अचानक बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते हॉल में धुआं फैल गया, जिससे वहां मौजूद पत्रकारों और कार्यकर्ताओं के बीच घबराहट पैदा हो गई। हालांकि, मायावती की सुरक्षा में तैनात कमांडो और सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मौके पर मौजूद टीम ने तत्काल अग्निशमन उपकरणों (Fire Safety Equipment) का उपयोग कर स्थिति को गंभीर होने से रोक लिया।
‘मेरे संघर्षमय जीवन का सफरनामा’ पुस्तक का विमोचन
आपको बता दे कि, इस अवसर पर मायावती ने अपनी वार्षिक पुस्तक ‘मेरे संघर्षमय जीवन एवं बसपा मूवमेंट का सफरनामा’ के नए भाग का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह संकलन उनके जीवन के संघर्षों और पिछले एक साल में विपक्ष द्वारा उत्पन्न की गई चुनौतियों का दस्तावेज है। बसपा सुप्रीमो ने जोर देकर कहा कि यह पुस्तक पार्टी के युवाओं और आगामी नेतृत्व के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति के रूप में कार्य करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियों की साजिशों का मुंहतोड़ जवाब दें और पार्टी को पुनः सत्ता में लाने के लिए एकजुट हों।
बसपा शासनकाल की जनकल्याणकारी योजनाओं का बखान
मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन पर देशवासियों को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं देते हुए उत्तर प्रदेश में अपने चार कार्यकालों की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार की योजनाएं केवल सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारा गया। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में गरीबों, मजदूरों, बेरोजगारों और किसानों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उन्होंने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि अन्य दलों की सरकारें केवल कागजी वादे करती हैं, जबकि बसपा का रिकॉर्ड जनहित में ठोस कार्य करने का रहा है।
विपक्षी दलों की ‘पाखंडी राजनीति’ पर तीखा प्रहार
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने महात्मा ज्योतिराव फुले और छत्रपति शाहूजी महाराज जैसे संतों और महापुरुषों को बसपा सरकार द्वारा दिए गए सम्मान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बसपा ने उनके नाम पर जिलों और योजनाओं का नामकरण कर दलितों और पिछड़ों को गौरव प्रदान किया। मायावती ने आरोप लगाया कि वर्तमान विपक्षी सरकारें अब राजनीतिक लाभ के लिए बसपा की पुरानी योजनाओं की नकल कर रही हैं। उन्होंने दलितों और पिछड़ों के प्रति अन्य राजनीतिक दलों की नियत को ‘पाखंडी’ करार दिया।
सीएम योगी और अखिलेश यादव ने दी शुभकामनाएं
मायावती के जन्मदिन के खास मौके पर उत्तर प्रदेश की राजनीति के दिग्गज नेताओं ने उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी उन्हें सार्थक सक्रिय जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। इन शुभकामनाओं ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में शिष्टाचार की एक नई तस्वीर पेश की।










