Mathura Holi: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में होली का पर्व इस वर्ष भी बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। राधा-कृष्ण की अलौकिक प्रेमकथाओं के लिए प्रसिद्ध ब्रज क्षेत्र (जिसमें मथुरा, वृन्दावन और अन्य तीर्थस्थल शामिल हैं) में अब तक 44 लाख से अधिक श्रद्धालु होली के विभिन्न उत्सवों में भाग लेने पहुंच चुके हैं।
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श्रद्धालुओं का आगमन और उत्सव की धूम

अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण क्षेत्र) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि अब तक 44 लाख से अधिक लोग ब्रज की होली का आनंद लेने आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश और विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन अभी भी लगातार जारी है। बरसाना में लाडली जी की सफेद छतरी पर दर्शन, चैत्र कृष्ण पक्ष द्वितीया को बलदेव और जाब गांव में हुड़ंगा, तथा राधारानी की नानी के गांव मुखराई में चरकुला नृत्य जैसे आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
पुलिस अधिकारियों का अनुमान है कि अब तक आए श्रद्धालुओं के अलावा आगामी दिनों में लगभग पांच से छह लाख और श्रद्धालु ब्रज क्षेत्र में होली के उत्सवों में शामिल हो सकते हैं। इस वर्ष भी होली के रंगों और उत्सवों की धूम पूरे ब्रज में देखने को मिल रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
होली के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना या अराजकता न हो, इसके लिए पुलिस ने पूरी तैयारी कर रखी है। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी संभावित खतरों का पूर्वानुमान और निगरानी की जा रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि होली की आड़ में उत्पात मचाने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। गोवर्धन और मगोर्रा थाना क्षेत्रों में पुलिस ने भीड़ में महिलाओं के ऊपर जबरन गुलाल फेंकने और उत्पात मचाने के आरोप में कुल 24 उपद्रवियों को जेल भेजा है। इनमें गोवर्धन क्षेत्र से 17 और मगोर्रा क्षेत्र से 9 लोग शामिल हैं। यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि होली का पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो।
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होली का उत्सव और ब्रज की खासियत
ब्रज में होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह राधा-कृष्ण के प्रेम और उनकी लीला का प्रतीक भी है। बरसाना, नंदगांव, वृन्दावन और अन्य क्षेत्रों में होली के दौरान कई पारंपरिक आयोजनों का आयोजन होता है, जिसमें चरकुला नृत्य, लठमार होली और भक्तिमय झांकियां शामिल हैं। ये सभी उत्सव बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।










