Mathura News: धर्मनगरी मथुरा में प्रमुख गौ रक्षक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत के बाद क्षेत्र में तनाव और शोक का माहौल है। इस घटना को लेकर विख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे ‘सनातन की हत्या’ करार दिया है, जबकि मथुरा पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद इसे कोहरे के कारण हुई एक दुखद दुर्घटना बताया है।
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने निष्पक्ष जांच की मांग की
प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस घटना पर शोक व्यक्त किया और आरोप लगाया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार गौ तस्करों ने बाबा की हत्या की है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में गोवर्धन और वृंदावन के आसपास गौ हत्या की घटनाएं बढ़ी हैं। ठाकुर ने प्रशासन से सवाल किया कि यदि गौ रक्षकों को संदिग्ध गतिविधियों की भनक लग जाती है, तो स्थानीय खुफिया तंत्र और पुलिस को इसकी जानकारी क्यों नहीं होती? उन्होंने मथुरा प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की ईमानदारी और पारदर्शिता से जांच करने की अपील की है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
गौ हत्या रोकने की पुरजोर अपील
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि यह घटना और भी गंभीर इसलिए हो जाती है क्योंकि जिस समय यह हादसा हुआ, उस दिन राष्ट्रपति भी वृंदावन दौरे पर थे। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि ब्रज क्षेत्र में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और समूचे मथुरा-वृंदावन को मांस एवं मदिरा मुक्त घोषित किया जाए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति या संत की मृत्यु नहीं है, बल्कि यह सनातन मूल्यों पर प्रहार है। प्रशासन को इस दिशा में कठोर कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में किसी गौ रक्षक को अपनी जान न गंवानी पड़े।
मथुरा पुलिस और एसएसपी का आधिकारिक स्पष्टीकरण
दूसरी ओर, मथुरा पुलिस और एसएसपी ने इस मामले में अलग तथ्यात्मक जानकारी साझा की है। पुलिस की जांच के अनुसार, यह मामला हत्या का नहीं बल्कि कोसीकलां थाना क्षेत्र में घने कोहरे के कारण हुई एक सड़क दुर्घटना का है। पुलिस ने बताया कि देर रात चंद्रशेखर बाबा ने एक संदिग्ध वाहन को जांच के लिए रोका था, तभी पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिस वाहन को रोका गया था उसमें किराने का सामान था और टक्कर मारने वाले ट्रक में लोहे के तार लदे हुए थे। दोनों ही वाहनों का गौ तस्करी या किसी आपराधिक गिरोह से कोई संबंध नहीं पाया गया है।
हिंसक विरोध प्रदर्शन पर प्रशासनिक कार्रवाई
बाबा की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों और समर्थकों में भारी आक्रोश देखा गया। आक्रोशित भीड़ ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी और कुछ स्थानों पर पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को आवश्यक बल प्रयोग करना पड़ा। वर्तमान में क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति काबू में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ट्रक चालक और परिचालक की पहचान हो चुकी है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।









