UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 1,051 करोड़ रुपये की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विकास के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा को लेकर भी बड़ा संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक विकास को केवल बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं तक सीमित करके देखने की कोशिश की गई, जबकि विकास के नाम पर देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की अनदेखी हुई।
CM योगी ने विकास के साथ विरासत और संस्कृति का मुद्दा उठाया
सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भारत की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भी इस मामले में एक सीमा तक जाकर भारतीय परंपराओं और स्मृतियों को प्रभावित करने की कोशिश की। हालांकि, तमाम चुनौतियों के बावजूद भारत की सांस्कृतिक परंपरा और सनातन विचारधारा निरंतर आगे बढ़ती रही।
2017 से पहले UP के माहौल पर CM योगी का निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में अराजकता और उपद्रव का माहौल इस स्तर तक था कि लोगों के लिए उत्सव और त्योहार मनाने की कल्पना करना भी मुश्किल था। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर लोगों के बीच नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
सनातन परंपरा को भारत की पहचान बताते हुए बोले CM योगी
सीएम योगी ने कहा कि किसी भी प्रदेश या देश की पहचान उसकी स्मृतियों, संस्कृति और जड़ों से होती है। जब हम अपनी विरासत की बात करते हैं तो उसके पीछे के इतिहास को समझना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास सनातन परंपरा की निरंतरता का इतिहास है। देश ने अलग-अलग दौर में विदेशी आक्रमणों का सामना किया, लेकिन कोई भी ताकत भारतीय स्मृति, संस्कृति और परंपराओं को पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकी।
काशी और अयोध्या का उदाहरण देकर सनातन की शक्ति समझाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी और अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि काशी में मंदिर को औरंगजेब के शासनकाल में तोड़ा गया था, लेकिन वहां की धार्मिक परंपरा समाप्त नहीं हुई। आज काशी विश्वनाथ धाम अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है। इसी तरह अयोध्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर को तोड़कर वहां मस्जिद का ढांचा बनाया गया, लेकिन सनातन की भावना लगातार बनी रही और आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है।
राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम को बताया सनातन की निरंतरता
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या का राम मंदिर भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की निरंतरता के प्रतीक हैं। उनके मुताबिक, अलग-अलग समय में विरासत को नुकसान पहुंचाने की कोशिशें हुईं, लेकिन लोगों की आस्था और परंपराएं समाप्त नहीं हुईं। उन्होंने ब्रज की पहचान को भी इसी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर देखा।
संतों और क्रांतिकारियों के योगदान को याद करने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति और सनातन परंपरा को समझने के लिए संतों और क्रांतिकारियों के जीवन को पढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे पूज्य संतों और महान व्यक्तित्वों ने अपनी तपस्या, संघर्ष और योगदान के जरिए भारतीय परंपरा को जीवित रखने का काम किया। उनके मुताबिक, देश की नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों, इतिहास और विरासत से परिचित होना चाहिए।
मथुरा से CM योगी का विकास और विरासत पर दोहरा संदेश
मथुरा में 229 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के मौके पर CM योगी का भाषण विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत के मुद्दे पर भी केंद्रित रहा। उन्होंने एक तरफ प्रदेश में हुए विकास कार्यों को रेखांकित किया, तो दूसरी तरफ सनातन, इतिहास और धार्मिक विरासत को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत दिया। मथुरा की धरती से दिया गया यह संदेश विकास और विरासत, दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ने की भाजपा सरकार की रणनीति को दर्शाता है।










