Mathura Boat Tragedy: यमुना में पर्यटकों से भरी नाव पलटी, 10 की मौत, सर्च ऑपरेशन जारी

नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पीपा पुल को हटा तो दिया गया था, लेकिन उसके कुछ पोंटून (लोहे के ड्रम) पानी में ही खुले छोड़ दिए गए थे। तेज हवा के चलते नाव इन्हीं में से एक पोंटून से टकराकर असंतुलित हुई और पलट गई।

Mathura Boat Tragedy

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 11, 2026

Mathura Boat Tragedy: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ शुक्रवार को यमुना नदी में नौका विहार के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भरी एक नाव पलट गई। इस दुखद हादसे में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 5 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। जिला प्रशासन और राहत टीमें युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

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हादसे का कारण और घटनाक्रम

Mathura Boat Tragedy
यमुना में पर्यटकों से भरी नाव पलटी

बताया जा रहा है कि यह हादसा वृंदावन के प्रसिद्ध केसी घाट के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, पंजाब के लुधियाना से लगभग 150 तीर्थयात्रियों का एक जत्था मथुरा भ्रमण पर आया था। इनमें से कुछ लोग नाव पर सवार होकर यमुना की सैर कर रहे थे।

हादसे की मुख्य वजह तेज हवाएं और नदी में मौजूद पोंटून (पीपा पुल का हिस्सा) को माना जा रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण हाल ही में पीपा पुल हटाया गया था, लेकिन उसके कुछ हिस्से नदी में ही रह गए थे। तेज हवा के कारण नाव अनियंत्रित होकर एक पोंटून से टकरा गई और पलट गई। नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार होने की भी आशंका जताई जा रही है।

राहत एवं बचाव कार्य

मथुरा के जिलाधिकारी (डीएम) चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, SDRF, अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा और सेना की टीमों को तैनात कर दिया गया। लगभग 50 स्थानीय गोताखोरों की मदद से अब तक 15 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। 8 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि 14 लोग सुरक्षित हैं। लापता 5 लोगों की तलाश के लिए प्रशासन सुबह से फिर से सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर चुका है।

मृतकों और लापता व्यक्तियों की पहचान

प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, मृतकों में अधिकांश महिलाएं और पुरुष पंजाब के रहने वाले थे।

मृतक: कविता रानी (49), चरनजीत (40), रिकेश गुलाटी, मधुर बहल, आशा रानी, पिंकी बहल (38), अंजू गुलाटी, ईशान कटारिया, मीनू बंसल और सपना हंस (55)।

लापता: मानिक टंडन, पंकज मल्होत्रा, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला और मोनिका।

सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और अधिकारियों को बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश पर कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण और क्षेत्रीय विधायक राजेश चौधरी घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिले और मृतकों के परिजनों को नियमानुसार उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

वर्तमान में, वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके।

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