राजस्थान के सीकर में PGDCA परीक्षा के दौरान सामूहिक नकल का एक बड़ा मामला सामने आया है. 'विश्व भारती कॉलेज' में परीक्षा दे रहे कई छात्रों को जगतगुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वॉड) ने रंगे हाथों नकल करते हुए पकड़ा.
जब उड़नदस्ते ने परीक्षा केंद्र की अचानक जांच शुरू की, तो परीक्षा कक्षों में कई विद्यार्थी एक साथ समूह में बैठकर पेपर हल करते मिले. जांच के दौरान छात्रों के पास से नकल सामग्री और प्रश्नों के उत्तर से संबंधित प्रिंटेड कागज बरामद हुए. फ्लाइंग टीम ने पूरी धांधली की वीडियोग्राफी की और साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी.
पहली पारी का पेपर निरस्त, कॉलेज पर लटकी निलंबन की तलवार
मामला सामने आते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पहली पारी में आयोजित PGDCA परीक्षा को निरस्त कर दिया. इसके बाद दूसरी पारी की परीक्षा संपन्न कराई गई. विश्वविद्यालय ने 'विश्व भारती कॉलेज' के परीक्षा केंद्र को निलंबित करने और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर मदन मोहन झा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा विभाग को दोषी कॉलेज के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. परीक्षा नियंत्रक डॉक्टर शुभ कुमार झा ने परीक्षा निरस्त करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है. इसके साथ ही, आगामी परीक्षाओं में कड़ी निगरानी के लिए विश्वविद्यालय की ओर से भेजे गए उड़नदस्ते को ही ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है.
5 दिन के भीतर सामूहिक नकल की दूसरी घटना
गौरतलब है कि पिछले 5 दिनों के भीतर PGDCA परीक्षा में सामूहिक नकल का यह दूसरा मामला है. इससे पहले 7 अगस्त को लालसोट के एमडी पीजी कॉलेज में भी इसी तरह सामूहिक नकल पकड़ी गई थी. सीकर में सामने आए इस ताजा मामले के बाद नकलची छात्रों और परीक्षा केंद्र की सांठगांठ की जांच की जा रही है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़े नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.










