
CJP Controversy : नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन हो या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) लगातार चर्चा में रही है। अब अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने संगठन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी कुछ अमेरिकी लोग CJP को आर्थिक मदद दे रहे हैं और इस धन के जरिए भारत में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया है।
सोशल मीडिया पोस्ट में विदेशी साजिश का दावा
मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दुनिया के अलग-अलग देशों में कथित विदेशी हस्तक्षेप का मुद्दा उठाया। उन्होंने किसी संगठन का नाम स्पष्ट रूप से लिए बिना आरोप लगाया कि कुछ दानदाता रूढ़िवादी विचारधारा वाले वैश्विक नेताओं को निशाना बनाते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोग संबंधित देशों से अमेरिका में पढ़ाई करने वाले व्यक्तियों को चुनते हैं, उन्हें प्रभावित करते हैं और फिर अपने देश लौटने पर अशांति फैलाने के लिए आर्थिक सहायता देते हैं।

करोड़ों डॉलर की फंडिंग का आरोप, सबूत नहीं दिए
अमेरिकी गायिका ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि इस तरह की गतिविधियों के जरिए विभिन्न देशों में अव्यवस्था और विनाश की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी कथित साजिशें कई बार असफल होती हैं, लेकिन इनका असर संबंधित देशों के विकास और शासन व्यवस्था पर पड़ सकता है। हालांकि, भारत या CJP को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए उन्होंने कोई दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड या अन्य प्रमाण सार्वजनिक नहीं किए।
प्रधानमंत्री मोदी की पहले भी प्रशंसा कर चुकी हैं मैरी
मैरी मिलबेन पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व की तारीफ कर चुकी हैं। वर्ष 2023 में अमेरिका की यात्रा के दौरान मोदी के कार्यक्रम में उन्होंने भारत का राष्ट्रगान प्रस्तुत किया था। इसके अलावा, वह कई मौकों पर भारतीय नेतृत्व की प्रशंसा कर चुकी हैं। हाल में भी उन्होंने मोदी को भारतीय सपने का एक प्रभावशाली प्रतीक बताया था। राजनीतिक हलकों में CJP को लेकर उनकी ताजा टिप्पणी को उनके पहले के सार्वजनिक बयानों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

अभिजीत दीपके ने आरोपों को किया खारिज
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मैरी मिलबेन के आरोपों को खारिज किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दीपके ने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। भाजपा सरकार पर की गई उनकी एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने के बाद वह चर्चा में आए थे। इसके बाद उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर आंदोलनों में भाग लिया और संगठन की गतिविधियां शुरू कीं।
संगठन के खर्च को लेकर दीपके की सफाई
CJP के संस्थापक ने पहले भी संगठन के वित्तीय स्रोतों को लेकर उठे सवालों का जवाब दिया है। दीपके के मुताबिक, उन्होंने अपनी पढ़ाई का खर्च विश्वविद्यालय की छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण के जरिए पूरा किया। इस महीने की 10 तारीख को दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने दावा किया कि संगठन की गतिविधियों के लिए वह खुद और उनके दोस्त मिलकर धन जुटाते हैं। फिलहाल, मैरी मिलबेन के विदेशी फंडिंग संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इन दावों को स्थापित तथ्य के बजाय आरोप के रूप में देखना जरूरी है।
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