CG Rajyotsav 2026: अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि, राम वन गमन परिपथ के 31 स्थलों का होगा विकास

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस बार आयोजन की थीम ‘सुंदर, सुघ्घर और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़’ रखी गई है। इसी बीच सरकार ने राम वन गमन परिपथ के 31 स्थलों को तीन चरणों में विकसित करने की योजना बनाई है। जानिए किन धार्मिक स्थलों को मिलेगा नया स्वरूप।

CG Rajyotsav 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 15, 2026

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CG Rajyotsav 2026 : छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला राज्योत्सव इस बार ‘सुंदर, सुघ्घर और माओवाद मुक्त छत्तीसगढ़’ की विशेष थीम पर मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आमंत्रण पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन में प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और विकास की यात्रा को प्रमुखता से प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है।

संस्कृति और पर्यटन को मिलेगा विशेष महत्व

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने राज्योत्सव की तैयारियों और आयोजन की रूपरेखा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समारोह के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक कलाओं और राज्य की नई पहचान को प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन स्थल पर नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु आवागमन के लिए व्यापक प्रबंध किए जाएंगे, ताकि लोग उत्सव में आसानी से शामिल हो सकें।

स्थानीय कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच

राज्योत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ के स्थानीय कलाकारों और लोक नर्तकों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश की प्रतिभाओं को बड़े मंच पर अपनी कला दिखाने का अवसर देना है। इसके साथ ही जनता और युवाओं की मांग को ध्यान में रखते हुए देश के तीन प्रसिद्ध बाहरी कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इस तरह समारोह में स्थानीय लोक संस्कृति और राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक आकर्षण का मेल देखने को मिलेगा।

राम वन गमन परिपथ के 31 स्थलों का होगा कायाकल्प

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए सरकार राम वन गमन परिपथ के विकास पर काम करेगी। इसके तहत शोध और ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर चयनित 31 प्रमुख स्थलों को तीन चरणों में विकसित करने की योजना है। मंत्री राजेश अग्रवाल के अनुसार, इस परियोजना को अगले तीन वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने की तैयारी

मंत्री ने बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में अधूरे रह गए विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। पहले से निर्मित सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के साथ हरचौका और सीतामढ़ी के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस योजना से धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

पहले चरण में इन धार्मिक स्थलों का होगा विकास

योजना के पहले चरण में धमतरी जिले के रुद्रेश्वर महादेव मंदिर, रुद्री और सिहावा स्थित शृंगी ऋषि-सप्तर्षि आश्रम को शामिल किया गया है। जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण-खरौद क्षेत्र, सुकमा के रामाराम और चिंतामित्र मंदिर तथा सरगुजा के रामगढ़ और सीता बेंगरा का भी विकास किया जाएगा। इसके अलावा रायगढ़ जिले के रामझरना, कांकेर के रामपुर-जुनवानी स्थित विष्णु मंदिर और बस्तर के चित्रकोट शिव मंदिर को भी योजना में स्थान दिया गया है।

श्रद्धालुओं के लिए बनेंगी जरूरी सुविधाएं

कोरिया जिले के सीतामढ़ी-हरचौका सहित चयनित धार्मिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की योजना है। श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आश्रय स्थल, सत्संग भवन और सीता रसोई जैसी सुविधाएं विकसित करने की बात कही गई है। सरकार का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन स्थलों को व्यवस्थित रूप देना, आगंतुकों की सुविधा बढ़ाना और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाना है। परियोजना का क्रियान्वयन निर्धारित चरणों और समयसीमा के अनुसार किया जाना प्रस्तावित है।

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